कोलंबो के प्रेमदासा स्टेडियम में रविवार को भारतीय क्रिकेट का वो दबदबा देखने को मिला, जिसने न केवल पाकिस्तान को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया, बल्कि टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में भारत की बादशाहत को 8-1 के आंकड़े के साथ और पुख्ता कर दिया। ईशान किशन की आतिशी पारी और फिर जसप्रीत बुमराह की अगुवाई में गेंदबाजों के घातक प्रदर्शन के दम पर भारत ने पाकिस्तान को 61 रनों के विशाल अंतर से शिकस्त देकर शान के साथ सुपर-8 का टिकट कटा लिया है।
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत भले ही धीमी रही और अभिषेक शर्मा जल्दी पवेलियन लौट गए, लेकिन इसके बाद मैदान पर 'ईशान किशन' नाम का तूफान आया। किशन ने प्रेमदासा की पेचीदा और धीमी पिच को अपनी मर्जी के मुताबिक चलाया। उन्होंने मात्र 40 गेंदों पर 77 रनों की अपनी 'सुपरसोनिक' पारी में पाकिस्तानी स्पिनरों और तेज गेंदबाजों की जमकर बखिया उधेड़ी।
अफरीदी को जड़ा गया उनका पुल शॉट हो या अबरार अहमद के खिलाफ लगाए गए छक्के, किशन ने अपनी पारी में ताकत और नजाकत का बेजोड़ संगम पेश किया। तिलक वर्मा के साथ उनकी 87 रनों की साझेदारी ने भारत को 175 रनों के चुनौतीपूर्ण स्कोर तक पहुंचाने में मुख्य भूमिका निभाई, जबकि अंत में शिवम दुबे और सूर्यकुमार यादव ने भी उपयोगी योगदान दिया।
176 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की टीम ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। हार्दिक पांड्या ने पहले ही ओवर में साहिबजादा फरहान को आउट कर जो तबाही शुरू की, उसे जसप्रीत बुमराह ने अपने खौफनाक स्पेल से अंजाम तक पहुँचाया। बुमराह की अंदर आती यॉर्कर और सटीक लेंथ का पाकिस्तान के पास कोई जवाब नहीं था।
सैम अयूब और सलमान अली आगा जैसे बल्लेबाज बुमराह की गति के सामने पूरी तरह लाचार नजर आए। पावरप्ले खत्म होने तक पाकिस्तान 38 रन पर 4 विकेट गंवाकर मैच से बाहर हो चुका था। कप्तान बाबर आजम का खराब शॉट चयन उनकी टीम की बदकिस्मती का प्रतीक बना और वह अक्षर पटेल का शिकार बने।
मध्यक्रम में कुलदीप यादव, अक्षर पटेल और वरुण चक्रवर्ती की जादुई स्पिन ने पाकिस्तानी बल्लेबाजों को हाथ खोलने का कोई मौका नहीं दिया। पूरी टीम महज 114 रनों पर ढेर हो गई। पाकिस्तान की न तो बल्लेबाजी में वो गहराई दिखी और न ही गेंदबाजों का सामना करने का जज्बा।
भारत के लिए यह जीत केवल दो अंकों की नहीं, बल्कि चिर-प्रतिद्वंद्वी पर एक मनोवैज्ञानिक बढ़त की तरह है। ईशान किशन की वो शानदार पारी और बुमराह की आग उगलती गेंदें लंबे समय तक याद रखी जाएंगी। भारत का अगला मुकाबला 18 फरवरी को नीदरलैंड्स के साथ है।