Advertisement

10 जनवरी से शुरू होगा भारत का सबसे बड़ा पुस्तकों का मेला

नई दिल्ली में किताबों का कुंभ कहा जाने वाला आयोजन इस बार 10 से 18 जनवरी तक होगा। सर्दी के मौसम में नई...
10 जनवरी से शुरू होगा भारत का सबसे बड़ा पुस्तकों का मेला

नई दिल्ली में किताबों का कुंभ कहा जाने वाला आयोजन इस बार 10 से 18 जनवरी तक होगा। सर्दी के मौसम में नई पुस्तकों की आमद, पुस्तक प्रेमियों के उत्साह से भारत मंडपम का तापमान बढ़ा रहेगा। इस बार के मेले की थीम, भारतीय सशस्त्र सेना पर रखी गई है।

पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के अध्यक्ष प्रो मिलिंद सुधाकर मराठे ने कहा, “हमने स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे किए हैं और अपनी सशस्त्र सेनाओं को नमन करते हुए इस बार के पुस्तक मेले की थीम “भारतीय सैन्य इतिहास: शौर्य एवं प्रज्ञा@75” रखी गई है।

यह संभवतः पहली बार है, जब पुस्तक मेले को सेना के शौर्य और मेधा से जोड़ा गया है। इस बार पुस्तक मेले की खास बात इसका निशुल्क होना है। हर साल पुस्तक मेले में प्रवेश के लिए 20 रुपये की दर रखी जाती थी, लेकिन इस बार किसी भी तरह का शुल्क न लेने का निर्णय लिया गया है।

हर साल राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (एनबीटी), भारत, शिक्षा मंत्रालय मिल कर नई दिल्ली के भारत मंडपम में इसका आयोजन करते हैं। जबकि भारत व्यापार संवर्द्धन संगठन इसका सह-आयोजक रहता है। इस साल नौ दिनों तक चलने वाले पुस्तक मेले में 35 से अधिक देशों के 1000 से अधिक प्रकाशकों के 3000 से ज्यादा स्टॉल शामिल होंगे। लेखक मंच पर 600 से अधिक आयोजनों में 1000 से ज्यादा वक्ता संवाद करेंगे। 20 लाख से अधिक लोगों के इसमें शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।

इस मौके पर कतर और स्पेन का उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी उपस्थित रहेगा। राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के निदेशक युवराज मलिक का कहना है कि, “हम पुस्तकों के साथ नए साल की शुरुआत कर रहे हैं। इस बार इसका स्वरूप उल्लेखनीय रूप से विशाल है। युवाओं को किताबों के साथ जोड़ने का यह प्रयास है। हम साहित्य, संस्कृति और पुस्तकों का उत्सव मनाने के लिए सभी को आमंत्रित कर रहे हैं।’’

पत्रकार वार्ता का मंच साझा कर रहे भारत व्यापार संवर्द्धन संगठन (आईटीपीओ) के आईटीएस, एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर श्री प्रेमजीत लाल ने कहा  “पुस्तक मेला भारत की दो पीढ़ियों को जोड़ने का काम करेगा। पुरानी पीढ़ी के लिए यह पुरानी स्मृतियों को याद करने का मौका देगा, वहीं नई पीढ़ी के लिए यह इतने बड़े पैमाने पर पुस्तकों से जुड़ने का एक नया अवसर प्रदान करेगा।’’

पुस्तक मेले की थीम पर आधारित एक पवेलियन भी होगा। 1,000 वर्ग मीटर का एक खास मंडप तैयार किया गया है, जिसमें स्वतंत्रता के बाद से भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के साहस, बलिदान और राष्ट्र-निर्माण में उनकी भूमिका को दिखाया जाएगा। इस मंडप में 500 से अधिक पुस्तकें, चयनित प्रदर्शनी, पोस्टर, डॉक्यूमेंट्री और इंस्टॉलेशन प्रदर्शित किए जाएंगे। मुख्य आकर्षणों में अर्जुन टैंक, आईएनएस विक्रांत और एलसीए तेजस की प्रतिकृतिया, 21 परमवीर चक्र विजेताओं को श्रद्धांजलि तथा बड़गाम 1947 से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक के प्रमुख युद्धों और सैन्य अभियानों पर सत्र शामिल रहेंगे।

इस बार मेले का अतिथि देश, कतर और फोकस देश स्पेन है। सम्मानित अतिथि देश के रूप में कतर की भागीदारी पर बोलते हुए, कतर के राजदूत, महामहिम मोहम्मद हसन जबीर अल जाबेर ने नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले को “दुनिया के सबसे प्रमुख सांस्कृतिक मंचों में से एक” बताया।

उन्होंने कहा, “भारत और क़तर दो प्राचीन सभ्यताएँ हैं, जो समृद्ध इतिहास और विविध सांस्कृतिक विरासत की साझा विरासत से जुड़ी हुई हैं। क़तर का मानना है कि पुस्तक केवल ज्ञान का माध्यम नहीं, बल्कि मनुष्य की समझ को बढ़ावा देने वाला एक सशक्त साधन है, जो भौगोलिक, सांस्कृतिक और भाषाई सीमाओं से परे जाकर लोगों को जोड़ता है। यह पुस्तक मेला विचारों के आदान-प्रदान का एक जीवंत मंच होगा और हमें आशा है कि क़तर की भागीदारी इस आयोजन को और समृद्ध करेगी।”

इसके अतिरिक्त, रूस, जापान, पोलैंड, फ्रांस, अबू धाबी, ईरान, कज़ाख़स्तान, हंगरी, चिली सहित कई अन्य देशों के प्रकाशक, लेखक और सांस्कृतिक संस्थान पुस्तक विमोचन, बहुभाषी कविता संध्याएं, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, बाल साहित्य सत्र तथा एआई, गेमिंग, प्रवासन और विरासत जैसे विषयों पर चर्चाओं के माध्यम से भाग लेंगे।

इस बार हॉल 2 में भारतीय भाषाओं के प्रकाशक एवं लेखक मंच, हॉल 3 में भारतीय भाषा प्रकाशक और न्यू दिल्ली राइट्स टेबल, हॉल 4 में गेस्ट ऑफ ऑनर कंट्री, फोकस कंट्री और अंतरराष्ट्रीय मंडप, हॉल 5 में थीम पवेलियन, ऑथर्स कॉर्नर और सामान्य/व्यावसायिक प्रकाशक, हॉल 6 में बाल मंडपम और शैक्षिक, मानविकी एवं आध्यात्मिक पुस्तकें होंगी।

अब आप हिंदी आउटलुक अपने मोबाइल पर भी पढ़ सकते हैं। डाउनलोड करें आउटलुक हिंदी एप गूगल प्ले स्टोर या एपल स्टोर से
Advertisement
Advertisement
Advertisement
  Close Ad