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स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव, नोटिस में पाई गई तकनीकी खामियां

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को हटाने की मांग करने वाले विपक्षी सांसदों द्वारा प्रस्तुत अविश्वास...
स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव, नोटिस में पाई गई तकनीकी खामियां

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को हटाने की मांग करने वाले विपक्षी सांसदों द्वारा प्रस्तुत अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस में कमियां पाई गई हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, नोटिस में फरवरी 2025 की घटनाओं का चार बार उल्लेख किया गया था, जो नियमों के अनुसार अस्वीकृति का कारण बन सकता था।

हालांकि, सूत्रों के अनुसार, अध्यक्ष ने लोकसभा सचिवालय को नोटिस में मौजूद कमियों को दूर करने और आगे की कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

बिरला ने नियमों के अनुसार त्वरित कार्रवाई का आदेश दिया है। बजट सत्र के दूसरे चरण के प्रारंभ होने के बाद इस नोटिस को सूचीबद्ध किया जाएगा।

संशोधित नोटिस प्राप्त होने के बाद, निर्धारित नियमों के अनुसार इसकी तुरंत जांच की जाएगी। मंगलवार को कांग्रेस ने लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया, जिस पर 118 सांसदों ने हस्ताक्षर किए।

सूत्रों के अनुसार, विपक्षी सांसदों ने "स्पष्ट रूप से पक्षपातपूर्ण" आचरण का आरोप लगाया और कहा कि विपक्षी दलों के नेताओं को बोलने की अनुमति नहीं दी गई।

अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस में अध्यक्ष के खिलाफ चार घटनाओं का उल्लेख किया गया है, जिसमें विपक्ष का यह आरोप भी शामिल है कि लोकसभा के विपक्ष के नेता राहुल गांधी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सदन में बोलने की अनुमति नहीं दी गई थी।

विपक्षी सांसदों ने आठ सांसदों के निलंबन, भाजपा सांसद निशिकांत दुबे द्वारा पूर्व प्रधानमंत्रियों पर किए गए "आपत्तिजनक और व्यक्तिगत हमलों" और स्पीकर ओम बिरला के उस बयान को भी मुद्दा बनाया, जिसमें उन्होंने कहा था कि कुछ कांग्रेस सांसदों के प्रधानमंत्री की सीट पर आकर "अभूतपूर्व घटना को अंजाम देने" की सूचना मिलने के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सदन में न आने का आग्रह किया था ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।

इस बीच, सूत्रों के अनुसार, स्पीकर ओम बिरला ने नैतिक आधार पर यह निर्णय लिया है कि उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के निपटारे तक वे सदन की कार्यवाही में शामिल नहीं होंगे।

लोकसभा सचिवालय के सूत्रों के अनुसार, स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर चर्चा बजट सत्र के दूसरे भाग के पहले दिन, 9 मार्च को होने की संभावना है। 

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