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उत्तर प्रदेशः उपचुनाव में सपा का सीधा मुकाबला भाजपा के साथ

उत्तर प्रदेश में विधानसभा की तीन सीटों के लिए हो रहे उपचुनाव में सीधा मुकाबला भाजपा और प्रदेश की सत्तासीन समाजवादी पार्टी के बीच है। जबकि बहुजन समाज पार्टी उपचुनाव में अपने उम्मीदवार खड़े नहीं करती।
उत्तर प्रदेशः उपचुनाव में सपा का सीधा मुकाबला भाजपा के साथ

राज्य में समाजवादी पार्टी के तीन वर्तमान विधायकों मित्रसेन यादव, चितरंजन स्वरुप, राजेंद्र सिंह राणा के निधन से खाली हुई सीटों पर 13 फरवरी को उपचुनाव है। मित्रसेन यादव फैजाबाद जिले के बीकापुर, चितरंजन स्वरुप मुज्जफरनगर की सदर सीट और राजेंद्र सिंह राणा सहारनपुर के देवबंद सीट से विधायक थे। राजेंद्र सिंह राणा और चितरंजन स्वरुप राज्य सरकार में मंत्री भी थे। इन विधायकों के अकस्मात निधन से खाली हुई इन सीटों पर उपचुनाव हो रहा है।

समाजवादी पार्टी ने जहां इन विधायकों के परिजनों को चुनाव मैदान में उतारा है वहीं भाजपा ने भी पूर्व उम्मीदवारों पर ही दांव खेला है। माना जा रहा है कि मुख्य मुकाबला भाजपा और सपा के उम्मीदवारों के ही बीच है क्योंकि बसपा ने अपने उम्मीदवार नहीं खड़े किए हैं। बसपा प्रमुख मायावती का मानना है कि उपचुनाव के फैसले सत्तासीन सरकार के पक्ष में जाते हैं इसलिए चुनाव नहीं लड़ना चाहिए। वहीं भाजपा राज्य में अगले साल होने जा रहे विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पूरी तैयारी में है कि सपा को शिकस्त दी जाए। मुकाबला दिलचस्प है दोनों ही दलों के नेता अपनी जीत निश्चित बता रहे हैं। लेकिन परिणाम ही बताएगा कि किसका पलड़ा भारी है।

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