समाजवादी पार्टी ने बागियों के खिलाफ कार्यवाही करते हुए अपने एक विधायक को सस्पेंड कर दिया है जबकि जिला पंचायत चुनाव में पार्टी सांसद धर्मेन्द्र की बहन को टिकट दिया गया है।
पूर्वी नेपाल में एक ईंट भट्टे में विस्फोट के बाद 105 फुट ऊंची चिमनी गिर जाने के कारण छह भारतीय मजदूरों समेत कुल आठ लोगों की मौत हो गई। घटना में मरने वाले छह भारतीयों में चार नाबालिग हैं।
54 वर्षीय सहर नीलोफर पिछले एक साल से रोजाना अपने घर द्वारका से जंतर-मंतर आती हैं। अपना बैनर लगाती हैं और शाम को घर लौट जाती हैं। यहां बैठकर वह प्रधानमंत्री से लेकर अलग-अलग असरदार लोगों को पत्र लिखती हैं। योजना बनाती हैं कि किस प्रकार गालीमुक्त भारत बनाया जा सके। रवानगी में अंग्रेजी भाषा में बात करते हुए नीलोफर कहती हैं ‘ समाज से मां,बहन और बेटी को संबोधित करती गालियां बंद हों।‘ यह महिला इस मुद्दे पर सिंगल वूमन ब्रिगेड की तरह काम कर रही है।
अनुभवी प्रशासक जगमोहन डालमिया के निधन ने बीसीसीआई को विभाजित कर दिया गया है। पूर्व क्षेत्र की इकाइयों ने अपना स्वयं का उम्मीदवार खड़ा करने का फैसला किया है जिससे उत्तराधिकार की लड़ाई में नया मोड़ आ गया है।
शीर्षक को पढ़ कर चौंकिए मत। रक्षाबंधन आने वाला है तो यह मत समझिए कि सोनाक्षी सिन्हा दाऊद इब्राहिम को राखी बांधने जा रही हैं या दाऊद के मन में सोनाक्षी के लिए प्रेम का सागर उमड़ पड़ा है।
भारत-चीन मैत्री के प्रतीक माने जाने वाले डॉक्टर द्वारकानाथ कोटनीस की 94 वर्षीय बहन मनोरमा कोटनीस का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। परिवारिक सूत्रों ने बताया कि कल रात उपनगरीय विले पार्ले इलाके में स्थित आवास पर मनोरमा कोटनीस ने अंतिम सांस ली।
घने झुरमुटों के बीच मुंबई स्थित रेसकोर्स क्लब पर पसरी वह सुरमई शाम समंदर की लहरों के संग उस वक्त और खुशनुमा हो उठी थी जब जावेद अख्तर के संग जोया अख्तर मंच पर आई और अनिल कपूर से अपने परिवार का परिचय कराने को कहा। मौका था, दिल धडक़ने दो के जश्न का जो ट्रेलर लांच के तुरंत बाद सोशल मीडिया में छा गया है। अनिल कपूर ने अपने बच्चों यानि रणवीर सिंह और प्रियंका को प्यार से गले लगाया तो मंच पर आत्मीय माहौल होने के बावजूद प्रियंका-रणवीर के भाई बहन के इस अवतार को पहचानना मुश्किल नजर आ रहा था।
हाल में आए विनाशकारी भूकंप ने बिहार में भी भारी तबाही मचाई है। बेशक, नेपाल पर आई आपादा कहीं ज्यादा भयानक है लेकिन वैश्विक छवि चमकाने के चक्कर में कहीं भारत सरकार अपने ही लोगों की अनदेखी न कर दे।