भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर इस वर्ष आंशिक रूप से बढ़कर 7.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो 2014 में 7.2 प्रतिशत थी और ब्याज दरों में कटौती से निजी क्षेत्र में व्यय बढ़ाने में मदद मिलेगी। यह बात वैश्विक रेटिंग एजेंसी मूडीज की समूह कंपनी ने कही।
स्वास्थ्य और शिक्षा की स्थिति में बदलाव आने पर समाज में बदलाव आना तय माना जाता है। इस पैमाने पर देखें तो भारत की स्थिति पिछली कुछ वर्षों में जस की तस बनी हुई है। मानव विकास सूचकांक के अनुसार भारत की रैंकिंग दुनिया में 135 है