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शिवपाल का प्रहार, यूपी में चुनाव आते ही भाजपा को राम याद आएं

शिवपाल का प्रहार, यूपी में चुनाव आते ही भाजपा को राम याद आएं

अयोध्या में भारतीय जनता पार्टी के प्रस्तावित म्यूजियम पर निशाना साधते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव ने आज कहा कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव आ गए हैं अब तो भाजपा को राम और अयोध्या याद आएंगे ही।
मैं चाय बना सकता हूं, ड्रम बजा सकता हूं, प्रधानमंत्री बनने के लिए फिट हूं: आजम

मैं चाय बना सकता हूं, ड्रम बजा सकता हूं, प्रधानमंत्री बनने के लिए फिट हूं: आजम

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री आजम खान अक्सर अपने विवादास्पद और तीखे बयानों के लिए चर्चा में रहते हैं। उन्होंने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा है कि उनमें मोदी जैसे कई गुण हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें मोदी की तरह चाय बनाना आता है, ड्रम बजा सकते हैं इसलिए प्रधानमंत्री बनने के लिए फिट उम्मीदवार हैं।
केंद्र की भाजपा सरकार से बेहतर हैं समाजवादी सरकार की योजनाएं: अखिलेश

केंद्र की भाजपा सरकार से बेहतर हैं समाजवादी सरकार की योजनाएं: अखिलेश

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा पर जनता को अच्छे दिनों के नाम पर धोखा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य की समाजवादी सरकार की योजनाएं केंद्र की योजनाओं से बेहतर हैं। उन्होंने भाजपा को आड़े हाथ लेते हुए भाजपा को अपनी केंद्र की सरकार और राज्य की सपा सरकार की योजनाओं की तुलना करने की चुनौती भी दे डाली।
हिलेरी का दावा, रूस की मिलीभगत से ट्रंप की मदद कर रहा है विकीलीक्स

हिलेरी का दावा, रूस की मिलीभगत से ट्रंप की मदद कर रहा है विकीलीक्स

अमेरिकी राष्ट्रपति के चुनाव में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन के चुनाव प्रचार अभियान दल ने विकीलीक्स के संस्थापक जुलियन असांजे पर रूस की मिलीभगत से क्लिंटन की ईमेल प्रणाली को हैक कर उनके प्रतिद्वंद्वी डोनाल्ड ट्रंप की मदद करने का आरोप लगाया।
दुर्गा पूजा पर प्रणब ने स्वच्छता अभियान के लिए लोगों को किया प्रेरित

दुर्गा पूजा पर प्रणब ने स्वच्छता अभियान के लिए लोगों को किया प्रेरित

राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने लोगों से स्वच्छता अभियान के लिए संकल्प लेने का सोमवार को आवहान किया। राष्‍ट्रपति पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिला स्थित अपने पैतृक स्थान किरणाहार में एक सभा को संबोधित कर रहे थे।मुखर्जी ने इससे पहले दिन में श्लोक पढ़े और मां दुर्गा की पूजा की। मुखर्जी इंटेंसिव खादी एवं ग्रामीण विकास केंद्र की ओर से आयोजित निर्मल बीरभूम और मिशन निर्मल बांग्ला कार्यक्रम में बोल रहे थे।
अखिलेश को चाचा का झटका, मुख्तार की पार्टी का हुआ सपा में विलय

अखिलेश को चाचा का झटका, मुख्तार की पार्टी का हुआ सपा में विलय

उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी में माफिया डॉन मुख्तार अंसारी की पार्टी कौमी एकता दल (कौएद) का विलय हो गया है। सपा के प्रान्तीय अध्यक्ष शिवपाल यादव ने आज दावा किया कि पार्टी में कौएद का विलय पहले ही हो चुका है और इसे लेकर पार्टी में कोई मतभेद नहीं है।
सपा परिवार में सब कुछ ठीक नहीं, मुलायम ने आजमगढ़ रैली स्थगित की

सपा परिवार में सब कुछ ठीक नहीं, मुलायम ने आजमगढ़ रैली स्थगित की

उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ समाजवादी पार्टी ने छह अक्तूबर को आजमगढ में होने वाली पार्टी मुखिया मुलायम सिंह यादव की रैली को अचानक रद्द कर दिया जिससे ऐसी आशंका व्यक्त की जा रही है कि सत्तारूढ परिवार में अब भी सब कुछ पटरी पर नहीं लौटा है।
सपा में जारी कलह के जिम्मेदार बताए जा रहे अमर सिंह बने पार्टी महासचिव

सपा में जारी कलह के जिम्मेदार बताए जा रहे अमर सिंह बने पार्टी महासचिव

उत्तर प्रदेश के समाजवादी परिवार में पिछले दिनों चरम पर पहुंची तल्खी के लिए जिम्मेदार बताए जा रहे राज्यसभा सदस्य अमर सिंह को समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने पार्टी का महासचिव बना दिया है।
शिवपाल ने दिखाया दम, रामगोपाल के दो निकट संबंधियों को किया निष्कासित

शिवपाल ने दिखाया दम, रामगोपाल के दो निकट संबंधियों को किया निष्कासित

समाजवादी पार्टी के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने राम गोपाल यादव के दो निकट संबंधियों को निष्कासित कर दिया। उनके इस कदम से परिवार में एक बार फिर तनाव पैदा होने की आशंका है।
अपनों की असहमति को सलाम। आलोक मेहता

अपनों की असहमति को सलाम। आलोक मेहता

आप इस शीर्षक से असहमत हो सकते हैं। इसे शिरोधार्य करना हमारा भी कर्तव्य है। सामान्यतः मीडिया असहमतियों को विद्रोह, धमाके, टूट, बिखराव, टकराव की तरह पेश करता है। इसकी वजह यही है कि धीरे-धीरे समाज में असहमतियों को विरोध की तरह अनुचित माना जाने लगा है। महात्मा गांधी या अब्राहम लिंकन, जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी (आपातकाल के अपवाद को छोड़कर), अटल बिहारी वाजपेयी जैसे नेताओं ने यदि असहमतियों, अपनों की कड़वी खरी-खोटी नहीं सुनी होती तो, राजनीतिक दलों या लोकतांत्रिक सरकारों में संभवतः कई महत्वपूर्ण फैसले ही नहीं हो पाते।
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