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आठ गांवों में पटाखों के बिना दिवाली मनाते हैं लोग

आठ गांवों में पटाखों के बिना दिवाली मनाते हैं लोग

ईरोड (तमिलनाडु), जिले के एक पक्षी अभयारण्य के आसपास के आठ गांवों के लोग पिछले 17 वर्ष से बिना पटाखा जलाए दिवाली मनाते हैं क्योंकि उन्हें इसकी आशंका है कि तेज आवाज से प्रवासी पक्षी डर कर भाग जाएंगे।
बर्ड फ्लू : विषाणु कम प्रभावी, मनुष्यों को कोई खतरा नहीं

बर्ड फ्लू : विषाणु कम प्रभावी, मनुष्यों को कोई खतरा नहीं

दिल्ली सरकार ने बर्ड फ्लू के कारण किसी भी मनुष्य को खतरा होने की आशंका से इनकार करते हुए कहा है कि विषाणु कम प्रभावी है। हालांकि राजधानी में छह बतखों की मौत हुई है।
बर्ड फ्लू - चिडि़याघर में कुछ और पेलिकन पक्षियों की मौत

बर्ड फ्लू - चिडि़याघर में कुछ और पेलिकन पक्षियों की मौत

बर्ड फ्लू की दहशत के कारण अस्थायी तौर पर बंद किए गए दिल्ली के चिडि़याघर में आज कुछ और पेलिकन पक्षियों की मौत हो गई। चिडि़याघर के एक अधिकारी ने पीटीआई-भाषा को बताया, आज सुबह कुछ और पेलिकन पक्षी अपने पिंजरे में मृत पाए गए। मृत पक्षियों की जांच की जा रही है। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि कुल कितने पक्षियों की मौत हुई है।
पक्षियों का सुसाइड पॉइन्ट जतिंगा

पक्षियों का सुसाइड पॉइन्ट जतिंगा

पक्षियों के सुसाइड स्पॉट के तौर पर चर्चित, असम के जतिंगा गांव में पिछले कुछ सालों के दौरान पंखों वाले इन मेहमानों की संख्या में तेजी से कमी आई है। आखिर असम का यह गांव क्यों कहलाता है पक्षियों का सुसाइड पॉइन्ट।
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