वे मानव शरीर को ‘मंदिर’ मानते थे। मंदिर की तरह ही अपने शरीर की उन्होंने देखभाल की। 104 साल की उम्र पाई। यहां बात देश के पहले मिस्टर यूनिवर्स मनोहर आइच की हो रही है। रविवार को उनका निधन हो गया। वे अपने ‘मंदिर’ को मेडिकल रिसर्च के लिए दान कर गए। कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में उनका ‘मंदिर’ यानी शरीर मेडिकल के विद्यार्थियों के रिसर्च के काम आएगा।
भारत को जल्द ही हाई स्पीड बुलेट ट्रेन की सौगात मिल सकती है। नीति आयोग के अध्यक्ष अरविंद पनगढि़या की अगुवाई वाला एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल सोमवार को टोक्यो में जापान के अधिकारियों से मुलाकात करेगा।
भारत अपने यहां पहली बुलेट ट्रेन प्रणाली के लिए इस सप्ताह जापान के साथ समझौते पर हस्ताक्षर करने की तैयारी में है। मुंबई-अहमदाबाद के बीच उच्च गति वाली रेल परियोजना के लिए जापान आठ अरब डॉलर कर्ज देगा।