जब से भारतीय जनता पार्टी की सरकार है, तब से गाय माता अचानक से लाइम लाइट में आ गई हैं। पर्यावरण मंत्रालय गाय पर एक दिवसीय कार्यक्रम कर रहा है। राजस्थान में भी गाय पर कार्यक्रम हो रहा है।
लगता है गाय को लेकर भारतीय जनता पार्टी कुछ ज्यादा ही गंभीर हो गई है। भारतीय नस्ल की गाय के संरक्षण और संवर्धन के लिए हरियाणा सरकार महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित कर रही है। इस कार्यक्रम के तहत भारत की परंपरागत देसी नस्लों की गाय को प्रोत्साहन देने के लिए हरियाणा के रोहतक में देसी गौवंश सौंदर्य प्रतियोगिता शुरू हो चुकी है। दो दिन चलने वाली इस प्रतियोगिता के दूसरे दिन यानि शनिवार सात मई को फैशन शो की तर्ज पर देसी गाय रैंप पर होंगी।
एक शीर्ष अमेरिकी सीनेटर ने कहा है कि सऊदी अरब पाकिस्तान में करीब 24,000 मदरसों को आर्थिक मदद मुहैया करा रहा है और वह असहिष्णुता फैलाने के लिए धन की सुनामी भेज रहा है।
कालाधन के मामले में सरकार को बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। कालेधन की घोषणा के लिए बनाए गए कंप्लायंस विंडो (अनुपालन खिड़की) के जरिये 31 दिसंबर तक विदेशों में अघोषित संपत्ति रखने वालों से 2,428.4 करोड़ रुपये का कर वसूला गया है। विंडो के तहत विदेशों में कालाधन रखने वालों द्वारा अघोषित संपत्ति के बारे में 600 से अधिक घोषणाएं की गईं।
भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने आज इस्लामाबाद में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से मुलाकात की। दोनों देशों के बीच रूकी हुई वार्ता प्रक्रिया को फिर से शुरू करने के प्रयासों के बीच यह मुलाकात हुई है जिसका उदेश्य संबंधों को सुधारना है। नवाज शरीफ से स्वराज की मुलाकात के बाद सुषमा स्वराज ने जानकारी दी कि जल्द ही दोनों देशों के विदेश सचिव मुलाकात कर वार्ता प्रक्रिया का कार्यक्रम तय करेंगे।
केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजना ज्योति ने गोवध पर प्रतिबंध लगाने को राज्य सरकारों का कर्तव्य बताते हुए कहा है कि इस देश में गाय के अलावा खाने को बहुत सी चीजें हैं। कोलकाता में गोवध और गोमांस के उपभोग के बारे में ज्योति ने कहा, ऐसी चीजें नहीं होनी चाहिए। यदि आप हमसे सम्मान चाह रहे हैं तो आपको पहले हमारा सम्मान करना भी सीखना चाहिए।
वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर के सुरक्षाकर्मियों को अब एक अतिरिक्त जिम्मेदारी निभानी पड़ेगी। उन्हें अब महिला श्रद्धालुओं की पोशाक पर नजर रखनी होगा, खासकर विदेशी महिलाओं पर जो बदन दिखाऊ या घुटने से ऊपर वाली छोटे वस्त्र पहनकर दर्शन के लिए आ जाती हैं।