सरकार ने 25,000 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ मार्च 2021 तक देश में लगभग 28000 प्रभावित बस्तियों को सुरक्षित पेयजल मुहैया कराने के लिए आर्सेनिक और फ्लोराइड पर राष्ट्रीय जल गुणवत्ता उपमिशन का शुभारंभ किया।
आम जनता को शुद्ध और सस्ता पानी उपलब्ध कराने के लिए स्टार्टअप को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आईआईटी कानपुर ने लखनऊ की डिसेंटिक टेक्नालॉजी कंपनी को नवोन्मेषी कार्यक्रम के तहत 50 लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई है।
राजग सरकार की महत्वाकांक्षी 9,393 करोड़ रूपये की केन बेतवा नदी जोड़ो परियोजना के 2017 की पहली तीमाही से शुरू होने का मार्ग प्रशस्त हो गया है और इस परियोजना को हरित पैनल और आदिवासी मामलों के मंत्रालय की मंजूरी मिल गई है। इससे 6.35 लाख हेक्टेयर भूमि की सिंचाई और बुंदेलखड में पेयजल की समस्या से निपटने में मदद मिलने की उम्मीद है।