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पुजारा और रहाणे ने जगाई उम्मीदें

चेतेश्वर पुजारा की नाबाद 79 रन की पारी की बदौलत भारत ने आज यहां ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे क्रिकेट टेस्ट के तीसरे दिन 126 रन की बढ़त हासिल की जिससे मेजबान टीम की उम्मीदें कायम है।
पुजारा और रहाणे ने जगाई उम्मीदें

स्टंप तक भारत ने दूसरी पारी में चार विकेट पर 213 रन बना लिए। इस खराब होती पिच पर टीम अब चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाने की कोशिश करेगी। ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 276 रन बनाए जिसमें बायें हाथ के स्पिनर रविंद्र जडेजा ने 63 रन देकर छह विकेट चटकाए।

 

पुजारा ने शानदार जज्बा दिखाया और सलामी बल्लेबाज लोकेश राहुल (51)  ने मैच में दूसरा अर्धशतक लगाकर मदद की। पुजारा और अजिंक्य रहाणे (नाबाद 40 रन) के बीच पांचवें विकेट के लिए नाबाद 93 रन की साझेदारी निर्णायक साबित हो सकती है।

सीरीज में पहली बार भारत ने पूरा एक सत्र बिना विकेट गंवाए निकाला। पुजारा ने 173 गेंद का सामना करते हुए छह चौके जमा लिए हैं जबकि रहाणे ने भी 105 गेंद का सामना करते हुए तीन बाउंड्री लगाई। काफी श्रेय राहुल को दिया जाना चाहिए जिन्होंने 85 गेंद की चार चौके जडि़त पारी के दौरान तेज गेंदबाजों और स्पिनरों दोनों का अच्छी तरह सामना किया। पहली स्लिप में खड़े ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव स्मिथ ने उनका कैच लपका, इस दौरान भारतीय क्रिकेटर ने अपने करियर में 1000 टेस्ट रन पूरे किए।

रहाणे ने भी दबाव में अपने करियर की सबसे अहम पारी खेली, उन्होंने अच्छी तकनीक और बेहतरीन जज्बे का नमूना पेश किया। ये दोनों जब क्रीज पर उतरे थे जब भारत ने 120 रन पर चार विकेट गंवा दिए थे और टीम 33 रन की बढ़त बनाए थी। दोनों ने स्टोक्स खेलने में सतर्कता और आक्रामकता बरती। दोनों इस बात को बखूबी जानते हैं कि इस पिच पर आगे खेलना बहुत मुश्किल होगा तो दोनों ने एक और दो रन लेना जारी रखा।

सबसे अहम बात दोनों ने स्पिनर नाथन लियोन (69 रन देकर कोई विकेट नहीं) और स्टीव ओकीफी (28 रन देकर एक विकेट) को बेहतर ढंग से खेला। लियोन को फिर से टर्न और उछाल मिल रहा था लेकिन दोनों ने इंतजार करके शाट लगाने की रणनीति अपनाई।

आस्टेलिया के लिए जोश हेजलवुड (16 ओवर में 57 रन देकर तीन विकेट) ने शानदार गेंदबाजी की। उन्होंने अभिनव मुकुंद (16) और रविंद्र जडेजा (02) को आउट किया। भारतीय कप्तान विराट कोहली एक बार फिर विफल रहे, वह विवादास्पद फैसले में 25 गेंद में 15 रन पर आउट हो गए। मैदानी अंपायर नाइजेल लोंग ने चाय ब्रेक से पांच ओवर पहले कोहली को हेजलवुड की गेंद पर पगबाधा आउट किया। लेकिन कोहली ने इशारा किया कि गेंद उनके बल्ले पर पहले लगी थी और उन्होंने तुरंत डीआरएस ले लिया। काफी देर तक देखने के बाद टीवी अंपायर रिचर्ड केटलबोरो ने कहा कि कोई स्पष्ट साक्ष्य नहीं मिले कि गेंद बल्ले पर पहले लगी या पैड पर, इसलिये उन्होंने मैदानी अंपायर के फैसले के पक्ष में निर्णय किया।

कोहली ने गुस्से में मैदान छोड़ा। उन्होंने अपनी नाराजगी भी जाहिर की। कोहली ने पहले टेस्ट में दो पारियों में शून्य और 13 रन बनाए थे जबकि इस टेस्ट की पहली पारी में वह 12 रन पर आउट हो गए।

बल्लेबाजी क्रम में ऊपर बुलाए गए जडेजा चाय ब्रेक से तुरंत पहले हेजलवुड की गेंद पर आउट हो गए। इससे ऑस्ट्रेलिया ने दूसरे सत्र में अपना दबदबा बनाया। टीम ने दूसरी पारी की शुरुआत तेजी से रन जुटाकर सकारात्मक रूप से की जिसमें सलामी बल्लेबाज राहुल ने अपनी पारी में 85 गेंद में चार चौके जमाये जबकि वन डाउन बल्लेबाज पुजारा ने बड़ी पारी खेलने के संकेत दिए।

पुजारा भाग्यशाली रहे, जब स्टीवन स्मिथ ने लियोन की गेंद पर स्लिप में उनका कैच छोड़ दिया। लंच तक भारत ने बिना विकेट गंवाए 38 रन बना लिए थे, उसने दूसरे सत्र की चौथी गेंद पर पहला विकेट मुकुंद (16) के रूप में गवाया। उन्होंने पहले विकेट के लिए राहुल के साथ 64 गेंद में 39 रन जोड़े। मुकुंद हालांकि पहली पारी के विपरीत इस पारी में आत्मविश्वास से भरे दिख रहे थे, उन्होंने मिशेल स्टार्क की गेंद पर छक्का भी लगाया।

इस सीरीज में भारतीय टीम के लिए बेहतर प्रदर्शन करने वाले राहुल को डिंक्स ब्रेक के तुरंत बाद ओकीफी ने आउट किया और स्लिप में स्मिथ ने शानदार डाइव लगाकर उनका कैच लपका। तब तक वह और पुजारा दूसरे विकेट के लिए 45 रन जोड़ चुके थे।

दिलचस्प फैसले में कोहली के जाने के बाद जडेजा क्रीज पर उतरे, लेकिन वह इस निर्णय को सही साबित नहीं कर पाए। इससे पहले जडेजा ने 10 गेंद में तीन विकेट चटकाकर ऑस्ट्रेलिया के पुछल्ले बल्लेबाजों का सफाया किया जिससे भारत ने मेहमान टीम को पहली पारी में 276 रन पर समेट दिया।

आफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन (84 रन पर दो विकेट) ने सुबह सबसे पहले स्टार्क (26) को पवेलियन भेजा जिसके बाद जडेजा (63 रन पर छह विकेट) ने मैथ्यू वेड (40), नाथन लियोन (00) और हेजलवुड (01) को आउट करके ऑस्ट्रेलियाई पारी का अंत किया। लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने बल्लेबाजी के लिए मुश्किल इस पिच पर भारत के 189 रन के जवाब में 87 रन की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल कर ली।

ऑस्ट्रेलिया ने सुबह छह विकेट पर 237 रन से आगे खेलना शुरू किया और उसने 16.4 ओवर 39 रन जोड़कर अपने बाकी बचे चार विकेट भी गंवा दिए। स्टार्क के आउट होने के बाद ऑस्ट्रेलिया ने बाकी बचे तीन विकेट 4.4 ओवर में सिर्फ सात रन जोड़कर गंवाए। ये सभी विकेट जडेजा की झोली में गए।

 

भारत को आज पहली सफलता दिन के 12वें ओवर में मिली जब स्टार्क अश्विन की गेंद पर छक्का जड़ने की कोशिश में बाउंड्री पर जडेजा के हाथों लपके गए। जडेजा ने इसके बाद लगातार गेंदों पर वेड और लियोन को पगबाधा किया। दोनों बल्लेबाजों ने रिव्यू लिया लेकिन तीसरे अंपायरों ने दोनों ही मौकों पर मैदानी अंपायर के फैसले को सही करार दिया। बाएं हाथ के इस स्पिनर ने अपने अगले ओवर में हेजलवुड को लांग आन पर राहुल के हाथों कैच कराके ऑस्ट्रेलियाई पारी का अंत किया। (एजेंसी)

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