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2 फरवरी 2026 · FEB 02 , 2026

उत्तराखंडः लड़ती रहूंगी

अंकिता की मां की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआइ जांच और बेटी के लिए इंसाफ की मांग
इंसाफ कबः देहरादून में उमड़ा जनसमूह

अंकिता भंडारी हत्याकांड में उनका परिवार सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में सीबीआइ जांच की मांग पर अड़ा हुआ है। परिवार चाहता है कि जांच कोर्ट की निगरानी में हो क्योंकि सीबीआइ केंद्र सरकार के नियंत्रण में आती है। परिवार का कहना है कि अभी इंसाफ अधूरा है क्योंकि नामजद मुख्य ‘वीआइपी’ को छोड़ दिया गया है।   आउटलुक से बातचीत में अंकिता की मां सोनी देवी ने कहा, ‘‘हम जांच से संतुष्ट कैसे हो सकते है? जबकि वीआइपी पकड़ा नहीं गया है और मामले के अहम पहलुओं को नजरअंदाज किया गया है।’’

पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौड़ की दूसरी पत्नी होने का दावा करने वाली महिला उर्मिला सानवार के आरोपों के बाद अंकिता भंडारी मामला फिर से सुर्खियों में आ गया है। सानवार ने पिछले महीने एक वीडियो क्लिप जारी किया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि इसमें राठौड़ के साथ बातचीत शामिल है, जिसमें कथित तौर पर उन्होंने 18 सितंबर, 2022 को वनतरा रिसॉर्ट में मौजूद एक ‘वीआइपी’ की पहचान की थी। उसी दिन 19 साल की रिसेप्शनिस्ट की हत्या हुई थी।

कथित तौर पर अभिनेत्री उर्मिला सानवार का एक नया ऑडियो सामने आने के बाद मुख्यमंत्री ने 8 जनवरी को विपक्ष से माफी मांगने की मांग की थी। उसके बाद एक वीडियो में सानवार ने वरिष्ठ भाजपा नेता दुष्यंत गौतम को कथित वीआपी बताया। दुष्‍यंत गौतम ने सानवार और कांग्रेस सहित ऐसे दावे करने वाले अन्य लोगों के खिलाफ मानहानि का मामला दायर किया है। नए क्लिप जारी होने से उत्तराखंड में बड़ा राजनैतिक विवाद खड़ा हो गया है।

अंकिता की मां

अंकिता की मां

विवाद बढ़ता देख मुख्यमंत्री धामी 7 जनवरी को भंडारी परिवार से मिले। परिवार ने कहा कि यह मुलाकात जल्दबाजी में तय की गई थी। अंकिता की मां के अनुसार, मुख्यमंत्री ने उन्हें भरोसा दिलाया कि उनकी सीबीआइ जांच की मांग पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। अंकिता की मां का कहना है, मैं उसे इंसाफ दिलाने के लिए लड़ती रहूंगी। मेरी लड़ाई सिर्फ अपनी बेटी के लिए नहीं, बल्कि दूसरी जवान लड़कियों की सुरक्षा के लिए भी है। मेरी बेटी कभी वापस नहीं आएगी। लेकिन मैं इसलिए लड़ रही हूं ताकि दूसरी लड़कियां जो पढ़ने या काम करने के लिए बाहर निकलती हैं, उन्हें अपनी जान न गंवानी पड़े। मैं अपनी बेटी की इज्जत के लिए लड़ रही हूं।’’

भंडारी परिवार के साथ मुलाकात के बाद धामी ने घोषणा की कि डोभ (श्री कोट), पौड़ी में सरकारी नर्सिंग कॉलेज का नाम बदलकर स्वर्गीय अंकिता भंडारी सरकारी नर्सिंग कॉलेज डोभ कर दिया जाएगा। अंकिता की मां ने कहा कि इस कदम से उनकी बेटी की यादें जिंदा रहेंगी। उन्होंने आउटलुक को फोन पर बताया, ‘‘मेरी बेटी ने एक सैनिक की तरह अपनी इज्जत की रक्षा की। जैसे एक सैनिक अपनी जान की कीमत पर देश की रक्षा करता है, वैसे ही अंकिता ने भी अपने आत्म-सम्मान की रक्षा की।’’

अंकिता भंडारी

अंकिता भंडारी

उन्होंने आगे कहा, ‘‘वह वापस नहीं आएगी। लेकिन अगर उसके नाम पर एक नर्सिंग कॉलेज बनता है, तो कम से कम उसकी यादें मेरे साथ रहेंगी।’’ इस संघर्ष को अपने परिवार से भी बड़ा बताते हुए, अंकिता की मां ने कहा कि यह लड़ाई अब अनगिनत युवा महिलाओं की है और अंकिता इस लड़ाई का प्रतिनिधित्व कर रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह लड़ाई अब सिर्फ हमारे घर के लिए नहीं है। यह हमारी बेटियों के लिए है, उन सपनों के लिए जो वह पीछे छोड़ गई। जब वे सपने पूरे होंगे, तभी मुझे लगेगा कि मेरी बेटी मेरे साथ है।’’

अंकिता की मां का कहना है, उसने अपनी जान गंवा दी लेकिन आखिरी समय तक वह लड़ती रही। वह सच में बहादुर थी। ऐसी बहादुर लड़की को इंसाफ दिलाने के लिए मुझे जितनी मेहनत करनी पड़े मैं करूंगी। एक बार यदि सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआइ जांच मंजूर हो जाती है, तो वे सब लोग बेनकाब हो जाएंगे, जो इस हत्यकांड को दूसरा रंग देना चाहते हैं।

 

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