राजधानी दिल्ली को हरियाणा ने तीसरा मुख्यमंत्री दिया है। जींद जिले की जुलाना मंडी के नंदगढ़ गांव की रहने वाली रेखा गुप्ता से पहले अरविंद केजरीवाल भी हिसार जिले के सिवानी से और सुषमा स्वराज अंबाला से रही हैं। एनडीए शासित 20 राज्यों में कोई भी महिला मुख्यमंत्री नहीं थी, इसलिए दिल्ली में जीत के बाद रेखा गुप्ता को मुख्यमंत्री बनाकर भाजपा ने एक साथ कई समीकरण साधे हैं।
दिल्ली में वैश्य समुदाय के वोट तो करीब सात फीसदी ही आंके जाते हैं पर भाजपा ने वैश्य समाज और हरियाणा मूल के साथ आरएसएस का समीकरण बैठाते हुए केजरीवाल की तोड़ में रेखा गुप्ता को आगे किया है। दिल्ली में हरियाणा मूल के वैश्य समाज का संघ और भाजपा में दबदबा है। संघ प्रचारक के नाते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दिल्ली से हरियाणा में प्रचार का केंद्र जींद रहा। जींद की वैश्य बिरादरी के बड़े रसूखदार सेठ रामेश्वर दास टोहाना वाले के यहां मोदी का महीनों पड़ाव रहता था। इसके चलते आसपास के वैश्य परिवारों का भी संघ से जुड़ाव बीते चार दशक से भी अधिक समय से बना हुआ है।
दिल्ली से जींद के रास्ते जुलाना मंडी के जिंदल परिवार की बेटी बबली यानी रेखा गुप्ता का ससुराल हरियाणा के चरखी दादरी के बोंदकला और ननिहाल भी फतेहाबाद में है। नंदगढ़ गांव के नंबरदार बलवान के मुताबिक, रेखा के दादा मनीराम जिंदल की गांव में परचून की दुकान थी। उसके बाद उन्होंने जुलाना में ‘गंगाराम-काशीराम’ नाम से आढ़त शुरू की। गांव की जमीन को बेचकर वे जुलाना में रहने लगे थे। गांव में अपने बनाए शिव मंदिर में जिंदल परिवार हर साल पूजा-अर्चना के लिए आता है। बैंक की नौकरी के चलते रेखा के पिता जयभगवान सत्तर के दशक में दिल्ली चले गए थे।
19 जुलाई 1974 को नंदगढ़ में जन्मी रेखा दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ते हुए अखिल भारतीय विद्याथी परिषद में सक्रिय हो गई थीं। शालीमार बाग से पहली बार की विधायक रेखा ने पहले भी दो बार विधानसभा चुनाव लड़ा। पहली बार 11 हजार और दूसरी बार भी आम आदमी पार्टी की बंदना से साढ़े चार हजार वोटों से हार गई थीं। इस बार आप की बंदना कुमारी को 38,605 वोट मिले तो भाजपा की रेखा गुप्ता को 68,200 वोट मिले।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कोटे से दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ की अध्यक्ष, महिला मोर्चा दिल्ली की अध्यक्ष, पार्षद, मेयर जैसे पड़ाव पार करते हुए पहली बार की विधायक मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के देश की राजधानी दिल्ली को आगे बढ़ाने की चुनौतियां भी कम नहीं हैं। उन्हें आम आदमी पार्टी की सरकार के शिक्षा-स्वास्थ्य सुधार कार्यक्रमों जैसे स्कूल ऑफ एमिनेंस, मोहल्ला क्लीनिक, महिलाओं को सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा और उनकी पुख्ता सुरक्षा, मुफ्त बिजली-पानी जैसे बड़े कार्यक्रमों के बेहतर विकल्प के साथ महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये भत्ता जैसे लोकलुभावन वादों को भी पूरा करना होगा।
सबसे बड़ी चुनौती दिल्ली को प्रदूषण-मुक्त, सड़कों को गड्डा-मुक्त और ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात दिलाना होगी। हरियाणा और यूपी से राजधानी के प्रवेश मार्गों पर कूड़े के पहाड़ों को समतल करने के अलावा चुनावी मुद्दा बनी यमुना को प्रदूषण-मुक्त करना प्राथमिकताओं में शामिल करना होगा। भले ही आम आदमी पार्टी सत्ता से बाहर हुई है लेकिन मजबूत विपक्ष के तौर पर सदन में उसकी उपस्थिति को कम करके नहीं आंका जा सकता।
चौथी महिला मुख्यमंत्री के रूप में रेखा गुप्ता को आगे करके भाजपा ने संदेश देने की कोशिश भी की है कि महिलाएं उसकी राजनीतिक प्राथमिकताओं में शामिल हैं। गुप्ता सहित दिल्ली के सभी विधायकों ने 24 फरवरी को शुरू हुए विधानसभा सत्र में विधायक की शपथ ली। विपक्ष की नेता की शपथ आम आदमी पार्टी की विधायक आतिशी ने ली।