पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान काउंसलर एक्सेस देने के लिए तैयार हो गया है। पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, कुलभूषण जाधव को आज यानी शुक्रवार को काउंसलर एक्सेस दिया जाएगा। इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (आईसीजे) के फैसले के बाद पाकिस्तान जाधव को काउंसलर एक्सेस देने के लिए तैयार हुआ है।
पूर्व भारतीय नौसैनिक 49 वर्षीय कुलभूषण जाधव को पाकिस्तानी सैन्य अदालत ने फांसी की सजा सुनाई थी जिस पर आईसीजे ने समीक्षा करने को कहा है। साथ ही जाधव को विएना कन्वेंशन के तहत काउंसलर एक्सेस भी देने का निर्देश दिया गया था।
भारत ने फैसले के बाद ही जताई थी कॉन्स्युलर एक्सेस मिलने की उम्मीद
आईसीजे के फैसले के अगले दिन पाक विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा था, “आईसीजे के फैसले के तहत कमांडर कुलभूषण जाधव को विएना कन्वेंशन के आर्टिकल-36 के तहत कॉन्स्युलर एक्सेस से जुड़े उनके अधिकार समझा दिए गए हैं। एक जिम्मेदार देश के तौर पर पाक अपने कानून के मुताबिक ही कुलभूषण को कॉन्स्युलर एक्सेस मुहैया कराएगा। इसके लिए शर्तें तैयार की जा रही हैं।”
आईसीजे के 16 जजों ने कुलभूषण की फांसी की सजा निलंबित कर दी थी
आईसीजे के 16 जजों ने 15-1 के बहुमत से कुलभूषण की फांसी की सजा निलंबित कर दी थी। कोर्ट के अध्यक्ष जस्टिस अब्दुलकावी अहमद यूसुफ ने कहा था कि जब तक पाकिस्तान प्रभावी ढंग से फैसले की समीक्षा और उस पर पुनर्विचार नहीं कर लेता, फांसी पर रोक जारी रहेगी।
क्या है मामला
आईसीजे ने पाकिस्तान को जाधव को सुनाई गई फांसी की सजा पर प्रभावी तरीके से फिर से विचार करने और राजनयिक पहुंच प्रदान करने का बुधवार को आदेश दिया था। भारतीय नौसेना के सेवानिवृत्त अधिकारी जाधव (49) को पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने अप्रैल 2017 में सुनवाई के बाद जासूसी और आतंकवाद के आरोपों पर फांसी की सजा सुनाई थी।
पाकिस्तान ने लगाए थे ये आरोप
16 अप्रैल 1970 में महाराष्ट्र के सांगली में जन्मे कुलभूषण जाधव भारतीय नागरिक हैं, जिन्हें पाकिस्तानी सेना ने 3 मार्च 2016 को पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत से गिरफ्तार कर लिया था। पाकिस्तान ने दावा किया था कि जाधव भारत के नागरिक होने के साथ भारतीय खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) के कर्मचारी हैं लेकिन भारत ने आपत्ति जताते हुए कहा कि नौसेना से रिटायर होने के बाद कुलभूषण जाधव ने ईरान में अपना कारोबार शुरू किया था। पाकिस्तान का कहना है कि 29 मार्च 2016 को उसने कुलभूषण को बलूचिस्तान से गिरफ्तार किया जबकि भारत का कहना है कि कुलभूषण को ईरान से गिरफ्तार किया गया।