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भारत-जर्मनी के बीच आठ समझौतो पर हस्ताक्षर, अब जर्मनी के सहयोग से होगी गंगा की सफाई

छह दिवसीय विदेश दौरे पर जर्मनी पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल ने आज आठ समझौतों पर हस्ताक्षर किया। इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी और जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल की साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में मोदी ने कहा, हमने आतंकवाद और जलवायु के मुद्दे पर चर्चा की है। दुनिया के सामने आतंकवाद समेत कई चुनौतियां है।
भारत-जर्मनी के बीच आठ समझौतो पर हस्ताक्षर, अब जर्मनी के सहयोग से होगी गंगा की सफाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जर्मनी यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच आठ समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं। बर्लिन में पीएम नरेंद्र मोदी और जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल की साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी ने कहा कि हमने आतंकवाद और जलवायु के मुद्दे पर चर्चा की है। दुनिया के सामने आतंकवाद समेत कई चुनौतियां है। मानवतावादी शक्तियों को एकजुट होना होगा। इस दौरान उन्होंने कहा कि हम एक-दूसरे के लिए बने हैं। भारत-जर्मनी के बीच 8 समझौते हुए हैं-

-    रेलवे के आधुनिकीकरण के लिए जर्मन कंपनियों से सहयोग

-    स्टार्टअप के लिए जर्मन कंपनियों से सहयोग

-    गंगा सफाई में भी जर्मनी सहयोग कर रहा है

-    दुनिया के सामने आतंकवाद समेत कई चुनौतियां

-    स्मार्ट सिटी बनाने में भी जर्मनी से सहयोग

-    मेक इन इंडिया के लिए जर्मनी कंपनियों का स्वागत

-    लोकतांत्रिक मूल्य ताकत देते हैं

-   जर्मनी यूरोपीय संघ में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझीदार है और देश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का सबसे अग्रणी स्रोत है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जर्मनी के साथ द्विपक्षीय रणनीतिक संबंधों का रोडमैप तैयार करने के लिए आज यहां जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल के साथ चौथे चरण की भारत-जर्मनी अंतर सरकारी वार्ता (आईजीसी) की। जर्मन चांसलर के कार्यालय में मोदी का सैन्य सम्मान के साथ समारोहपूर्वक स्वागत किया गया। यहां मर्केल और वरिष्ठ जर्मन अधिकारियों ने उनका अभिवादन किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने चांसलर का अपने साथ आए भारतीय मंत्रीस्तरीय प्रतिनिधिमंडल से परिचय करवाया।

मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और उनका स्वागत जर्मन सेना ने भारत के राष्ट्रगान की धुन बजा कर किया। इसके बाद दोनों नेता अंतरसरकारी समग्र सत्र में गए। यह सत्र मोदी की दो दिवसीय जर्मनी यात्रा का केंद्र बिंदू है। आईजीसी के तहत हर दो साल में एक बार आयोजित होने वाली इस औपचारिक वार्ता में मोदी के साथ उनके वरिष्ठ मंत्रियों का प्रतिनिधिमंडल भी था, जिनमें विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री हषर्वर्धन, वाणिज्यमंत्री निर्मला सीतारमण, उर्जा मंत्री पीयूष गोयल और विदेश राज्य मंत्री एम जे अकबर शामिल थे।

पीएम मोदी ने औपचारिक बैठक से पूर्व एक साक्षात्कार के दौरान कहा कि आतंकवाद से यूरोप बहुत बुरी तरह प्रभावित हुआ है। आंतकवाद मानवता के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि इस खतरे से निटपने के लिए संयुक्त राष्ट्र की अगुवाई में वैश्विक बल विकसित करने में यूरोप को नेतृत्व करना चाहिए, ताकि आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक स्तर पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

भारत-जर्मन संबंध के सवाल पर मोदी ने कहा कि भारत 'मेक इन इंडिया', 'स्किल इंडिया', 'स्टार्टअप इंडिया', 'क्लीन इंडिया' और स्मार्ट सिटी जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रमों में जर्मनी को महत्वपूर्ण भागीदार के रूप में देखता है. हम जर्मन मितलस्टैंड यानी छोटो और मध्यम उद्यमियों को मेक इन इंडिया में भागीदार बनाने के इच्छुक हैं। हम भारत की विकास की कहानी में हिस्सा लेने वाले उद्यमियों को अनुकूल बिजनेट माहौल उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

पीएम मोदी ने कहा, 'हमने भारत में निवेश और जर्मन कंपनियों को समर्थन देने के लिए प्लेटफॉर्म तैयार किया है। भारत-जर्मनी के शीर्ष नेतृत्व भी मजबूत आर्थिक द्विपक्षीय संबंधों को लेकर प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, मैं इस भागीदारी को लेकर बेहद आशान्वित हूं।  

 

 

 

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