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कला-संस्कृति

मधुकर मेहेंदले और अमृत सोमेश्वर को मिलेगा साहित्य अकादेमी का भाषा सम्मान

मधुकर मेहेंदले और अमृत सोमेश्वर को मिलेगा साहित्य अकादेमी का भाषा सम्मान

साहित्य अकादेमी, दिल्ली ने अपने महत्वपूर्ण ‘भाषा सम्मान’ के लिए वेद-वेदांगों, महाभारत आदि पुरा महाकाव्यों के विद्वान प्रो. मधुकर अनंत मेहेंदले और डॉ. अमृत सोमेश्वर का चयन किया है। वर्ष 1996 में शुरू हुआ यह सम्मान तीन दशक पूरा कर चुका है।
अरुंधती रॉय समेत कई बुद्धिजीवियों ने किया हांसदा की किताब पर प्रतिबंध का विरोध

अरुंधती रॉय समेत कई बुद्धिजीवियों ने किया हांसदा की किताब पर प्रतिबंध का विरोध

झारखंड सरकार ने संथाली महिलाओं के अश्लील चित्रण का आरोप लगाते हुए हांसदा की किताब ‘आदिवासी विल नॉट डांस’ पर बैन लगा दिया।
जन्मदिन : टैक्स की बीमारी और जातिवाद, क्षेत्रवाद पर हरिशंकर परसाई के दो सशक्त व्यंग्य

जन्मदिन : टैक्स की बीमारी और जातिवाद, क्षेत्रवाद पर हरिशंकर परसाई के दो सशक्त व्यंग्य

हमारे देश में टैक्स पर बहस अब भी चल रही है और जातिवाद, क्षेत्रवाद तो इस देश की पुरानी समस्याएं हैं। मशहूर साहित्यकार, व्यंग्यकार हरिशंकर परसाई के जन्मदिन पर इन विषयों पर उनके दो सशक्त व्यंग्य।
तोमर की हिंदी में लिखी चिट्ठी का सांसद ने उड़िया में दिया जवाब, बताया दूसरी भाषाओं पर हमला

तोमर की हिंदी में लिखी चिट्ठी का सांसद ने उड़िया में दिया जवाब, बताया दूसरी भाषाओं पर हमला

सांसद ने कहा, “केंद्रीय मंत्री क्यों हिंदी नहीं बोलने वाले भारतीयों को हिंदी बोलने के लिए मजबूर कर रहे हैं?
साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता सौवेंद्र शेखर की किताब पर झारखंड में प्रतिबंध

साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता सौवेंद्र शेखर की किताब पर झारखंड में प्रतिबंध

झारखंड सरकार ने शुक्रवार को साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता लेखक हंसदा सौवेंद्र शेखर की किताब 'द आदिवासी विल नॉट डांस' पर प्रतिबंध लगा दिया है।
आईसीएसएसआर प्रमुख को लगता है पाठ्य पुस्तकें जेएनयू जैसे एक्टिविस्ट बना रहीं

आईसीएसएसआर प्रमुख को लगता है पाठ्य पुस्तकें जेएनयू जैसे एक्टिविस्ट बना रहीं

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ‘असहिष्णुता के सबसे बड़े पीड़ित’ कहने वाले बृज बिहारी कुमार तो याद ही होंगे। इंडियन काउंसिल ऑफ सोशल साइंस रिसर्च (आईएसएसआर) के मुखिया बृज बिहारी कुमार का कहना है कि अब पाठ्य पुस्तकें शिक्षा देने के बजाय जेएनयू जैसे एक्टिविस्ट बनाने के लिए लिखी जा रही हैं।
फिलाडेल्फियां पार्क की दीवार पर एक भारतीय कवि

फिलाडेल्फियां पार्क की दीवार पर एक भारतीय कवि

बनारस शहर का अपना मिजाज है। भोले की भांग है तो गंगा की निर्मलता भी। इस शहर के मिजाज में ही है, संस्कृति। इस शहर के लिए व्योमेश शुक्ल बहुत जाना पहचाना नाम है। रंगकर्मी, कवि, लेखक व्योमेश की टोपी में एक और पंख लगने जा रहा है। उनकी कविताएं अमेरिका के फिलाडेल्फिया के एक पार्क में बन रही दीवार पर अंकित होंगी।
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