पाकिस्तानी गजल गायक गुलाम अली, शास्त्रीय गायक पंडित विश्वनाथ और पंडित जसराज ने अन्य कलाकारों के साथ बनारस के प्रसिद्ध संकट मोचन मंदिर में आयोजित संगीत उत्सव में दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मंदिर में सुबह तक संगीत गूंजता रहा।
संघर्ष सत्ता और सामाजिक व्यस्था में शिखर पर जगह बनाने को लेकर होता रहा है। लेकिन इसके उलट गांधी और मार्क्स दोनों निचले धरातल को ऊपर उठाकर पूरे समाज के उन्नयन की वकालत करते हैं।
तरक्की के इस दौर में, सभ्यता और आधुनिकता के बीच तालमेल बनाने की होड़ मची हुई है। इस दौर में परिवारों का ढांचा भी बदल गया है। संयुक्त परिवारों की जटिलताओं के दौर से निकलने के बाद तरक्की पसंद लोगों ने एकल परिवार की नई परिकल्पना संसार को दी थी।
राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक अक्षरा थियेटर से संकट के बादल छंट गए हैं और फिलहाल यह थियेटर बंद नहीं होगा। इस थियेटर के बकाया बिजली बिल को चुकाने के लिए एक दान अभियान के जरिये आवश्यक धन जुटा लिया गया है और जरूरी कार्रवाई के लिए केंद्र तथा राज्य सरकारों से संपर्क किया गया है।
दिल्ली के बच्चे अपने शब्दों को संगीत की धुनों में पिरोकर लोगों के सामने पेश करने के लिए तैयार हैं। इनमें से अधिकतर बच्चे दिल्ली की झुग्गी बस्तियों के हैं। इस तरह के बच्चों का यह तीसरा वार्षिक संगीत कार्यक्रम है।
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के बोर्ड को नया प्रमुख मिल गया है। केंद्रीय संस्कृति मंत्री महेश शर्मा ने इस पद के लिए वरिष्ठ पत्रकार राम बहादुर राय के नाम की घोषणा की। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इसे राजनैतिक उठापटक के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
डोगरी की विख्यात साहित्यकार पद्मा सचदेव की आत्मकथा चित्त चेते को 2015 के सरस्वती सम्मान के लिए चुना गया है। साल 2005 से 2014 की अवधि में प्रकाशित पुस्तकों पर विचार करने के बाद चयन परिषद् ने सचदेव की आत्मकथा को प्रतिष्ठित सरस्वति सम्मान के लिए चुना।