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त्रिपुरा: पत्रकार सुदीप दत्ता की हत्या के विरोध में अखबारों ने संपादकीय खाली छोड़ा

त्रिपुरा के बोधजंग नगर में 21 नवंबर को झगड़े के दौरान पत्रकार की मौत के खिलाफ त्रिपुरा के कई अखबारों ने...
त्रिपुरा: पत्रकार सुदीप दत्ता की हत्या के विरोध में अखबारों ने संपादकीय खाली छोड़ा

त्रिपुरा के बोधजंग नगर में 21 नवंबर को झगड़े के दौरान पत्रकार की मौत के खिलाफ त्रिपुरा के कई अखबारों ने अपने संपादकीय की जगह को खाली रखा है। वहीं भाजपा और कांग्रेस ने आज त्रिपुरा बंद का आह्वान किया है।


स्थानीय बांग्ला समाचारपत्र स्यंदन पत्रिका में संवाददाता के तौर पर काम करने वाले सुदीप दत्ता भौमिक की मंगलवार को झगड़े के दौरान कथित रूप से त्रिपुरा स्टेट राइफल्स (टीएसआर) के एक जवान ने गोली चला दी, जिसमें एक पत्रकार सुदीप दत्ता भौमिक की मौत हो गई।

राज्य में पिछले दो महीनों में पत्रकार की हत्या का यह दूसरा मामला है। जीबी अस्पताल में पोस्टमार्टम होने के बाद उनके शव को राज्य के पत्रकारों और समाचारपत्र के कर्मियों द्वारा अपने कब्जे में ले लिया गया।

उनके शव को अगरतला प्रेस क्लब और स्यांदन पत्रिका के कार्यालय ले जाया गया। संपादकों, पत्रकारों और त्रिपुरा के भाजपा अध्यक्ष बिप्लव देब, भाजपा विधायक सुदीप बर्मन और माकपा सांसद शंकर प्रसाद दत्ता जैसे वरिष्ठ राजनेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।

इस घटना को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी रिपोर्ट मांगी थी। जिसे राज्यपाल तथागत रॉय त्रिपुरा राज्य राइफल (टीएसआर) के जवान द्वारा मंगलवार को एक पत्रकार की हत्या की रिपोर्ट केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह को बुधवार को सौंपी।

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, स्यंदन पत्रिका के संपादक सुबल कुमार डे ने आरोप लगाया कि भौमिक की हत्या इसलिए की गई क्योंकि उन्होंने कमांडेंट के कई अवैध कार्यों और भ्रष्टाचार का खुलासा किया था।

गौरतलब है कि इससे पहले भी 20 सितंबर को अगरतला से 35 किलोमीटर दूर स्थित मंडई में एक टीवी पत्रकार शांतनु भौमिक की कथित तौर पर एक पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं ने हत्या कर दी थी।


 

 

 

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