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यूपीः अयोध्या में ‘क्वीन हो मेमोरियल पार्क’ बनेगा दक्षिण कोरिया से प्रगाढ़ संबंध की मिसाल, जल्द होगा लोकार्पण

अयोध्या। आस्था व संस्कृति के साथ ही सांस्कृतिक संबंधों को निभाने में योगी सरकार का कोई सानी नहीं है।...
यूपीः अयोध्या में ‘क्वीन हो मेमोरियल पार्क’ बनेगा दक्षिण कोरिया से प्रगाढ़ संबंध की मिसाल, जल्द होगा लोकार्पण

अयोध्या। आस्था व संस्कृति के साथ ही सांस्कृतिक संबंधों को निभाने में योगी सरकार का कोई सानी नहीं है। सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने रामनगरी के पग-पग को आमजन के दिल में बैठाने का मन बनाया है। यही कारण है कि यहां जिधर भी देखिए, विकास और सिर्फ विकास ही नजर आ रहा है। देश-प्रदेश का संपूर्ण विकास ही मोदी-योगी सरकार का ध्येय है। रामनगरी दोनों सरकार के केंद्र बिंदु में है। अपनी अयोध्या में राम मंदिर का भव्य निर्माण हो या दीपोत्सव के जरिए विदेशों में भी यूपी की संस्कृति की धाक जमाना, सरकार सदा इसे ध्यान में रखते हुए निरंतर अयोध्या के विकास के लिए कृतसंकल्पित है।

सरकार ने अयोध्या और दक्षिण कोरिया के सांस्कृतिक संबंधों को सुदृढ़ बनाने की योजना को मूर्त रूप देने का बनाया है। इस निमित्त सरकार ने क्वीन हो मेमोरियल पार्क का निर्माण करा लिया है। सरयू तट पर करीब दो हजार वर्गमीटर में फैले दो देशों के ऐतिहासिक रिश्तों का यह प्रतीक स्थल लगभग 21 करोड़ रुपये से बनकर तैयार हो गया है। प्रशासनिक स्तर पर अब इसके लोकार्पण को लेकर हलचल तेज हो चुकी है। पर्यटन विभाग तैयारी में जुट गया है। उम्मीद है कि दीपोत्सव में मुख्यमंत्री योगी आदित्य़नाथ के अयोध्या पहुंचने पर पार्क का लोकार्पण किया जा सकता है। इसमें दक्षिण कोरिया की राज्य महिषी सहित शीर्ष राजनेताओं के शामिल होने की भी संभावना है। वहां के कई प्रतिनिधियों का आना भी तय माना जा रहा है।

दक्षिण कोरियाई इतिहास के अनुसार अयोध्या की राजकुमारी श्रीरत्ना दो हजार वर्ष पूर्व जल मार्ग से दक्षिण कोरिया पहुंचीं। वहां उनका विवाह राजा सूरो से हुआ।

नवंबर 2018 में हुआ था शिलान्यास:

नवंबर 2018 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व दक्षिण कोरिया की प्रथम महिला किम जोंग सुक ने संयुक्त रूप से रानी हो पार्क का शिलान्यास किया था । प्रदेश सरकार एवं दक्षिण कोरिया के सामंजस्य से निर्मित इस पार्क का निर्माण पूर्ण हो चुका है।

अतीत से होगा वर्तमान का साक्षात्कार:

पार्क में आने वाले दर्शकों का गौरवशाली अतीत से साक्षात्कार हो। भावी पीढ़ी भी इतिहास से अवगत हो, सरकार ने इसका भी ध्यान रखा है।

पार्क में ध्यान केंद्र, प्रदर्शनी कक्ष के साथ सरोवर व उस पर आकर्षक सेतु बनाया गया है। सेतु के एक किनारे पर राजा सूरो का किंग पवेलियन, जबकि दूसरे छोर पर अयोध्या का प्रतिनिधित्व करता रानी हो का क्वीन पवेलियन है। राजकुमारी श्रीरत्ना की कोरिया यात्रा की प्रतीक नाव एवं रास्ते में मिला गोल्डन एग भी पार्क में स्थापित है। क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी आरपी यादव ने बताया कि दीपोत्सव पर पार्क के उद्घाटन की तैयारी है। इस स्मारक की साज-सज्जा और स्थापत्य संयोजन में भारतीय परंपरा के साथ दक्षिण कोरियाई परंपरा का भी समावेश किया गया है। किंग पवेलियन का निर्माण दक्षिण कोरिया के सहयोग से पूर्ण हुआ है। पार्क में शिलालेख भी स्थापित है, जिससे पर्यटकों को पार्क की महत्ता समझने में भी आसानी होगी ।

पर्यटन विभाग ने चमकाया पार्क:

क्वीन हो मेमोरियल पार्क का निर्माण सितंबर 2019 में शुरू हुआ था।  नवंबर 2021 में इसका कार्य पूर्ण हो गया है। 2192.03 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे, जबकि 1884.40 लाख रुपये खर्च कर इसे तैयार किया गया है। यहां मेडिटेशन हॉल, क्वीन पवेलियन, किंग पवेलियन, वाटर टैंक, फुट ओवर ब्रिज, सब स्टेशन, ट्यूबवेल, पाथवे, शौचालय, फाउंटेन, ओ०ए०टी०, लैंडस्केपिंग, स्कल्चर, गार्ड रूम, मूरल, ऑडियो-विडियो, बाउंड्रीवॉल, पार्किंग व पॉण्ड का निर्माण।

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