मौजूदा समय में भागदौड़ की जिंदगी में खानपान का ख्याल नहीं रह पाता जिसके चलते कई तरह की बीमारियां हो जाती हैं। इनमें मोटापा भी अहम वजह है। मोटापे के चलते ह्दय रोग, डायबिटीज, कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बना रहता है। लेकिन इस मोटापे से अब आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है और बैरिएट्रिक सर्जरी के जरिए आप अपना मोटापा घटा सकते हैं।
मोटापा कम करना या फिर शरीर का वजन घटाना यूं तो काफी कठिन काम हैं, जिनमें आपको अपनी ऐड़ीचोटी का जोर लगाना पड़ता है। अक्सर लोगों का कहना होता है कि बेशक वो कुछ भी खा लें, लेकिन उनका वजन नहीं बढ़ता। वहीं, कुछ ऐसे लोग होते हैं, जिनकी शिकायत होती है कि वह अगर पानी भी थोड़ा ज्यादा पी लें तो उनका वजन बढ़ने लगता है।
मेटाबॉलिज्म ही है इसका जिम्मेदार
असल में इसके लिए जिम्मेदार होता है मेटाबॉलिज्म जो वजन घटने और बढ़ने के लिए हमारे शरीर में होने वाली आंतरिक क्रियाओं को अंजाम देता है। माना यह भी जाता है कि मेटाबॉलिज्म के सुस्त पड़ने से मोटापा, थकावट, डायबीटीज, अधिक हाईपरटेंशन की संभावना अधिक रहती है।
किसी का वजन ठीक है, ज्यादा है या कम है, इसकी गणना बॉडी मास इंडेक्ट (बीएमआई) से की जाती है। इसमें व्यक्ति की लंबाई और वजन का अनुपात देखा जाता है जिसका भार मानक भार से दोगुना है तो उसे मोटापे का शिकार माना जाता है। सामान्य से अधिक वजन होने के मतलब यह नहीं कि उसे रोग है लेकिन अधिक वजन होने से सामान्य दिनचर्या पूरा करने में परेशानी आती है, जिसके चलते हाइपरटेंशन, तनाव, अऩिद्रा, जोड़ों की समस्या, फैटी लीवर, दमा और कैंसर वगैरा की आशंका बनी रहती हैं।
फायदेमंद है सर्जरी कराना
गाजियाबाद के यशोदा अस्पताल के वरिष्ठ बैरिएट्रिक सर्जन डा आशीष गौतम बताते हैं कि मोटापा ही असल में कई बीमारियों की जड़ है और इसे कम लिया जाए तो बीमारियों पर अंकुश लगाया जा सकता है। देखा जाए पेट पर अतिरिक्त चर्बी के कारण 2.7 बिलियन लोग ग्रसित हैं। इससे निजात पाने के लिए सबसे अच्छा उपाया बैरिएट्रिक सर्जरी है और यह आसानी से कराई जा सकती है। हालाकि भारत में अभी ये सर्जरी ज्यादा पॉपुलर नहीं हुई है। पिछले कई सालों में काफी लोग बैरिएट्रिक सर्जरी से मोटापा कम कर चुके हैं। बैरियाट्रिक सर्जरी से न केवल वजन कम होता है बल्कि मोटापाजनित रोगों में भी कमी लाई जा सकती है।