समाजवादी पार्टी को झटके पर झटका लगता जा रहा है। सोमवार को सपा के नीरज शेखर और सुरेंद्र नागर के बाद अब अखिलेश यादव के करीबी माने जाने वाले संजय सेठ ने भी राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। नीरज शेखर और सुरेंद्र नागर के बाद सपा छोड़ने वाले संजय सेठ तीसरे नेता हैं। इसके अलावा राज्यसभा सदस्य कांग्रेस के संजय सिंह के बाद भुवनेश्वर कलिता ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। माना जा रहा है कि राज्यसभा सदस्य से इस्तीफा देने वाले नेता भाजपा में शामिल हो सकते हैं।
सभापति ने दी जानकारी
राज्यसभा में सोमवार यानी आज कश्मीर मुद्दे पर चल रही बहस के दौरान समाजवादी पार्टी के सांसद संजय सेठ और कांग्रेस के कलिता ने इस्तीफा दे दिया। राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू ने इस बात की जानकारी दी। कलिता असम से कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य हैं। कलिता का कार्यकाल अभी बचा हुआ है। इसके बाद भी उन्होंने इस्तीफा दे दिया है। इससे पहले असम से कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने पहले ही इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हो चुके हैं। अब माना जा रहा है कि भुवनेश्वर कलिता भी बीजेपी में शामिल हो सकते हैं।
समाजवादी पार्टी को झटके पर झटका
लोकसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन और बहुजन समाज पार्टी से गठबंधन टूटने के बाद से समाजवादी पार्टी को छोड़कर जाने वालों का सिलसिला बंद न होने से अब समाजवादी संगठन में बेचैनी बढ़ी है। राज्यसभा सदस्य नीरज शेखर के बाद सुरेंद्र नागर के त्यागपत्र देने से कार्यकर्ता मायूस हैं। इसी बीच संजय सेठ ने भी राज्यसभा सदस्य पद छोड़ दिया है।
विधानसभा के चुनाव की तैयारियों के बीच पार्टी को झटका
समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा के चुनाव की तैयारी में लगी है। इसी बीच तीन झटकों से पार्टी अब बैकफुट पर है। इसके चलते प्रदेश की 13 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव की तैयारी प्रभावित होती दिख रही है। पूर्वी उत्तर प्रदेश से नीरज शेखर व पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सुरेंद्र नागर के बाद मध्य उत्तर प्रदेश के संजय सेठ के राज्यसभा से इस्तीफा देने से समाजवादी पार्टी में खलबली मच गई है। अब यूपी से राज्यसभा की तीन सीटें खाली हैं और इन पर जल्द उपचुनाव होगा।
कश्मीर मुद्दे पर बहस के दौरान सपा सांसद संजय सेठ ने दिया इस्तीफा
राज्यसभा में आज कश्मीर मुद्दे पर चल रही बहस के दौरान समाजवादी पार्टी के सांसद संजय सेठ ने इस्तीफा दे दिया। राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू ने इस बात की जानकारी दी। इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के बेटे नीरज शेखर ने भी राज्यसभा और सपा से इस्तीफा देकर भाजपा ज्वाइन की थी। इस इस्तीफे के बाद अटकलें लगायी जा रही है कि संजय सेठ भाजपा में शामिल हो सकते हैं। इससे पहले नीरज शेखर और सुरेंद्र नागर ने भी इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थामा था। संजय सेठ का इस्तीफा समाजवादी पार्टी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
यूपी के बड़े रियल एस्टेट कारोबारी में से एक हैं संजय
संजय सेठ का इस्तीफा समाजवादी पार्टी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। संजय सेठ सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव के काफी करीबी माने जाते हैं। 55 साल के संजय सेठ यूपी के बड़े रियल एस्टेट कारोबारी में से एक हैं। शालीमार ग्रुप के मालिक हैं। उन्नाव के निवासी संजय सेठ लखनऊ यूनिवर्सिटी से कॉमर्स ग्रेजुएट हैं। संजय ने 1985 में रियल एस्टेट मार्केट में अपना कदम रखा। उन्होंने एसएएस होटल्स एंड प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी शुरू की थी। इसी का बाद में नाम बदल कर शालीमार ग्रुप करा गया। शालीमार ग्रुप उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े बिल्डर ग्रुप्स में से एक है।
मुलायम सिंह और अखिलेश यादव के करीबी माने जाते हैं मुलायम
संजय सेठ सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव के काफी करीबी माने जाते हैं। लोकसभा चुनाव से पहले सपा और बसपा के बीच गठबंधन के पीछे भी संजय सेठ का ही हाथ था। संजय सेठ ने ही अखिलेश और मायावती के बीच बैठक कराई थी जिसके बाद गठबंधन का ऐलान हुआ था। संजय सेठ मुलायम के छोटे बेटे प्रतीक के खास दोस्तों में से भी एक हैं। 55 साल के संजय सेठ यूपी के बड़े रियल एस्टेट कारोबारी में से एक हैं। शालीमार ग्रुप के मालिक हैं। उन्नाव के निवासी संजय सेठ लखनऊ यूनिवर्सिटी से कॉमर्स ग्रेजुएट हैं। संजय ने रियल एस्टेट मार्केट में अपने कदम 1985 में रखा। उन्होंने एसएएस होटल्स एंड प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी शुरू की थी। इसी का बाद में नाम बदल कर शालीमार ग्रुप करा गया। शालीमार ग्रुप उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े बिल्डर ग्रुप्स में से एक है।