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टीएमसी नेता कुणाल घोष का सवाल, "राव को भारत रत्न देने के पीछे कोई राजनीति तो नहीं"

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ नेता कुणाल घोष ने शुक्रवार को आश्चर्य जताते हुए कहा कि पूर्व...
टीएमसी नेता कुणाल घोष का सवाल,

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ नेता कुणाल घोष ने शुक्रवार को आश्चर्य जताते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री पी वी नरसिम्हा राव को भारत रत्न देने के नरेन्द्र मोदी नीत सरकार के फैसले के पीछे कहीं कोई राजनीति तो नहीं है। हालांकि, घोष ने कहा कि पार्टी बाद में आधिकारिक तौर पर प्रतिक्रिया देगी।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को घोषणा की कि राव के अलावा पूर्व प्रधानमंत्री चरण सिंह, मशहूर वैज्ञानिक व देश में हरित क्रांति के जनक डॉ एम एस स्वामीनाथन को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया जाएगा।

सरकार ने कुछ दिन पहले देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान के लिए बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कद्दावर नेता लालकृष्ण आडवाणी के नाम की घोषणा की थी। ‘पीटीआई’ द्वारा प्रतिक्रिया के लिए पूछे जाने पर घोष ने कहा, ‘‘दोनों (राव और सिंह) प्रधानमंत्री थे और उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया है।’’

टीएमसी प्रवक्ता घोष ने कहा कि उन्हें इसके खिलाफ टिप्पणी नहीं करनी चाहिए, लेकिन उन्हें यह लग रहा कि राव को भारत रत्न से सम्मानित करने में राजनीति ने भूमिका निभाई होगी। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि यह उनकी तात्कालिक प्रतिक्रिया है और पार्टी बाद में आधिकारिक प्रतिक्रिया देगी।

घोष ने कहा, ‘‘जब राव 1991-96 के दौरान राव प्रधानमंत्री थे तब उनके और गांधी परिवार के बीच मतभेद थे। क्या मोदी जी इस मतभेद पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश कर रहे हैं?’’ इस वर्ष घोषित पांच भारत रत्न सम्मान में आडवाणी (96) को छोड़कर चार शख्सियतों को यह मरणोपरांत दिया गया है।

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