भारत माता की जय संबंधी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत की टिप्पणी के कुछ दिन बाद संगठन के एक शीर्ष पदाधिकारी ने कहा है कि वास्तव में वंदे मातरम् ही राष्ट्रगान है।
देश में भारत माता की जय का नारा लगाने को लेकर उठे विवाद के बीच इस्लामिक शिक्षण संस्थान दारूल उलूम देवबंद ने मुस्लिमों को भारत माता की जय बोलने से परहेज करने की हिदायत दी है क्योंकि यह मूर्ति पूजा के समान है, जिसकी इस्लाम में इजाजत नहीं है। दारुल उलूम के इस फतवे पर भाजपा और शिवसेना ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
राहुल गांधी ने असम में मतदाताओं से विधानसभा चुनाव में भाजपा को खारिज करने की अपील करते हुए मंगलवार को कहा कि अगर भाजपा सत्ता में आई तो नागपुर स्थित आरएसएस मुख्यालय या प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से राज्य का शासन चलेगा।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के करीब 90 साल बाद संघ की शाखाओं में सर्वाधिक बढ़त साल 2015-16 में हुई। इसे लेकर संघ के नेता ही नहीं कार्यकर्ता भी उत्साहित हैं।
आरएसएस मुख्यालय के बाहर छात्रों के एक समूह पर पुलिसिया बर्बरता को लेकर समाज के विभिन्न तबके के लोगों के बीच व्याप्त क्षोभ के बीच उपराज्यपाल नजीब जंग ने दिल्ली पुलिस के शीर्ष अधिकारियों के तलब कर घटना की जांच तत्परता से करने का आदेश दिया। वहीं दिल्ली पुलिस प्रमुख बी एस बस्सी अपनी टीम का बचाते नजर आए।
रोहित वेमुला की आत्महत्या को लेकर दिल्ली में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) कार्यालय पर प्रदर्शन करने जा रहे छात्रों के साथ पुलिस की बर्बर मारपीट का वीडियो सामने आया है। पुलिसवालों के साथ सादे कपड़ों में कई लोग भी छात्रों, महिलाओं और पत्रकारों के साथ मारपीट करते नजर आ रहे हैं।
आईआईटी दिल्ली के प्रोफेसर एम. जगदीश कुमार जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के नए कुलपति होंगे। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय के भेजे चार नामों में से जगदीश कुमार के नाम को मंजूरी दी है। भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी को जेएनयू का वीसी बनाए जाने की अटकलों के बाद यह नियुक्ति चर्चाओं में आ गई थी।
भाजपा महासचिव राम माधव ने कहा है कि आरएसएस का मानना है कि भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश एक दिन सहमति से एक होंगे और अखंड भारत का निर्माण होगा। ऐसा युद्ध के माध्यम से नहीं बल्कि सद्भावना के जरिये होगा।
आरक्षण प्रणाली की समीक्षा के अपने पूर्व के बयान से पलटते हुए आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि जब तक सामाजिक भेदभाव है तब तक देश में आरक्षण जारी रहना चाहिए और संघ इसे खत्म किए जाने के पक्ष में नहीं है।