बेशक विकास के लिए भूमि जरूरी है। देश को ज्यादा से ज्यादा उद्योगों, सड़कों, बिजली, रेल, अस्पतालों, स्कूलों और मकानों की जरूरत है। लिहाजा, भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया सरल और पारदर्शी होनी चाहिए। जिनसे जमीन ली जाए उन्हें उचित मुआवजा और विकास में हिस्सेदारी मिलनी ही चाहिए। लेकिन क्या मोदी सरकार की ओर से लाया जा रहा भूमि अधिग्रहण विधेयक, 2015 इस मामले में खरा उतरता है? वास्तव में नहीं।
लंबी छुट्टी के बाद वापस लौटे कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित किसान रैली में सरकार पर जमकर निशाना साधा। राहुल गांधी के अलावा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने संबोधित किया।
करीब दो महीने के अवकाश से लौटे कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने रविवार को आयोजित होने वाली किसान रैली से पहले शनिवार को अपनी पहली सार्वजनिक उपस्थिति में विभिन्न राज्यों से आए किसानों से मुलाकात की और संप्रग के कानून में नरेन्द्र मोदी सरकार की ओर से किये गए बदलाव के बारे में उनकी राय मांगी।
कांग्रेस भूमि अधिग्रहण अध्यादेश के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए जमीन पर ही नहीं बल्कि वेबसाइट से भी निशाना साधेगी। भूमि अधिग्रहण अध्यादेश के खिलाफ वह एक वेबसाइट न्च करने जा रही है। इसमें इस अध्यादेश की खामियां बताई गई है। बताया गया है कि इससे किस तरह से देश भर के किसान अपनी जमीन से महरूम हो जाएंगे।
आखिरकार राहुल गांधी की घर वापसी हो गई। अब कल वह किसानों के बीच पार्टी की क्या दशा-दिशा तय करेंगे। इसकी तैयारी में कांग्रेस पार्टी का सारा नेतृत्व जुटा हुआ है। कई नेताओं ने बताया कि अब पार्टी में एक जान का संचार होगा और वह नई ऊर्जा के साथ किसानों के बीच भू-अधिग्रहण पर जाएगी।
आंध्र प्रदेश की धरती एक बार फिर बेगुनाहों के खून से नहा गई है। आंध्र प्रदेश में 20 गरीब मजदूरों जिन्हें पुलिस ने तस्कर कहा और तेलंगाना में हिरासत में सिमी के पांच आरोपियों की हत्या की गूंज राष्ट्रीय स्तर पर हुई और पुलिसिया हत्या पर बवाल मचा।