कार्यपालिका पर न्यायपालिका की ओर से की जाने वाली टिप्पणियों को लेकर सत्तारूढ़ भाजपा ने लोकसभा में आज कड़ा रूख अपनाया और अदालतों द्वारा राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और संसद आदि पर की जाने वाली टिप्पणियों पर रोक लगाने या उसकी कोई सीमा तय करने की मांग की।
देश के उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों और मुख्यमंत्रियों के संयुक्त सम्मेलन के दौरान एक क्षण ऐसा भी आया जब भारत के प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति तीरथ सिंह ठाकुर बेहद भावुक हो गए और उनका गला भर आया।
भारत के प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति टीएस ठाकुर ने आज कहा कि उच्चतम न्यायालय का कोलेजियम पुनरीक्षित प्रक्रिया-पत्रा (मेमोरेंडम ऑफ प्रोसीजर) पर सरकार को अगले हफ्ते तक अपना जवाब देगा। प्रक्रिया-पत्र एक ऐसा दस्तावेज है जो उच्चतम न्यायालय एवं उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों की नियुक्ति के मामलों में मार्गदर्शन करता है।
भाजपा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एजेंडे को प्रखर ढंग से लागू करने से लेकर सरहद पार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तमाम भव्य आयोजनों और उनमें जुटाई जाने वाली भीड़ की जिम्मेदारी उठाने तक या यूं कहें कि मिशन इंपोसिबल को संभव करने का सेहरा नि:संदेह राम माधव के सिर पर बांधा जा सकता है। कश्मीर में साझेदारी में भाजपा की सरकार बनाने का पार्टी का और संघ का दशकों पुराना सपना मूर्त करने का काम पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और संघ के प्रचारक राम माधव ने किया। कश्मीर से जुड़े तमाम पेचीदा सवालों पर आउटलुक की ब्यूरो प्रमुख भाषा सिंह की राम माधव से सीधी-सीधी बात, पेश हैं अंश:
भारतीय जनता पार्टी ने कहा है कि पार्टी उत्तर प्रदेश का आगामी विधानसभा चुनाव विकास के मुद्दे पर लड़ेगी न कि राम मंदिर के मुद्दे पर। पार्टी ने कहा कि राम मंदिर कभी चुनावी मुद्दा नहीं रहा है बल्कि यह देश के करोड़ों हिंदुओं के लिए एक आस्था का विषय है।
भारतीय क्रिकट नियंत्रण बोर्ड (बीसीसीआई) ने आज एक अहम फैसला लेते हुए राहुल जौहरी को संस्था का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया। राहुल जौहरी मीडिया उद्योग के जाने-पहचाने नाम हैं जिनके पास मीडिया क्षेत्र में 20 सालों का लंबा अनुभव है।
वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी पी पी पांडे ने आज गुजरात के प्रभारी पुलिस महानिदेशक का पदभार संभाल लिया। इससे पहले निवर्तमान डीजीपी पी सी ठाकुर का अप्रत्याशित तरीके से दिल्ली तबादला कर दिया गया था।
आज से 43 साल पुराने कानून का हवाला देते हुए केंद्र ने कहा है कि भारत कोहिनूर हीरे को वापस प्राप्त नहीं कर सकता है। इस नियम के तहत उन प्राचीन वस्तुओं को वापस लाने की अनुमति नहीं है, जो आजादी से पहले देश से बाहर ले जाई जा चुकी हैं।