भारत के प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक मणि रत्नम को न्यूयॉर्क का प्रतिष्ठित संग्रहालय विशेष सम्मान देगा। इस मौके पर रत्नम की तीन फिल्में रोजा, बॉम्बे और दिल से भी यहां दिखाई जाएगी।
तनु वेड्स मनु रिटर्न्स की सफलता का आनंद ले रहे अभिनेता आर. माधवन ने बांग्ला फिल्म उद्योग कॉलीवुड और बॉलीवुड में अपने लिए जगह तो बना ली लेकिन उनका मानना है कि उन्होंने अभी भी हिंदी फिल्म निर्माताओं को अपनी वास्तविक क्षमता नहीं दिखाई है।
यदि दिल ऐसे ही धड़कता है तो फिर भगवान ही बचाए। जोया अख्तर (निर्देशक) यदि इस फिल्म का नाम दिमाग बंद रहने दो रखतीं तो एकदम बढ़िया रहता। जोया को समझना चाहिए कि कलाकारों का जमघट भर लगा देने से कोई फिल्म हिट नहीं हो जाती।
बांग्लादेश की पहली यात्रा पर शनिवार को ढाका पहुंच रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भव्य स्वागत की तैयारियां की जा रही हैं और दोनों देशों को इस यात्रा से दि्वपक्षीय संबंधों के नई ऊंचाइयों तक पहुंचने तथा आर्थिक एवं व्यापार संबंधों की संभावनाओं के पर्याप्त दोहन की उम्मीद है।
घने झुरमुटों के बीच मुंबई स्थित रेसकोर्स क्लब पर पसरी वह सुरमई शाम समंदर की लहरों के संग उस वक्त और खुशनुमा हो उठी थी जब जावेद अख्तर के संग जोया अख्तर मंच पर आई और अनिल कपूर से अपने परिवार का परिचय कराने को कहा। मौका था, दिल धडक़ने दो के जश्न का जो ट्रेलर लांच के तुरंत बाद सोशल मीडिया में छा गया है। अनिल कपूर ने अपने बच्चों यानि रणवीर सिंह और प्रियंका को प्यार से गले लगाया तो मंच पर आत्मीय माहौल होने के बावजूद प्रियंका-रणवीर के भाई बहन के इस अवतार को पहचानना मुश्किल नजर आ रहा था।
कंगना द्वारा यह कहकर फेयरनेस क्रीम के विज्ञापन को ठुकराना कि सेलिब्रिटीज की भी कुछ जिम्मेदारी होनी चाहिए, मुझे बहुत पसंद आया। मुझे यकीन है कि बॉलीवुड के पुरुष सितारे इस पहाड़ी कन्या से कुछ नसीहत लेंगे। लेकिन मैं यह भी कहना चाहती हूं कि तनु वेड्स मनु रिटर्न्स मुझे बहुत उबाऊ लगी। फिल्म देखकर मुझे लगा कि आखिर उससे जुड़ा शोर किस बात का था। मुझे बरसों पहले गैंगस्टर (जिसमें अब लगभग बर्बाद हो चुका शाइनी आहूजा भी लाजवाब था) में अपने लीक से जुदा रूप रंग से भाने वाली कंगना की यह अब तक की सबसे बेकार फिल्म लगी। मेरी राय में वह नशे की शिकार मॉडल के रूप में फैशन में अपने छोटे से रोल में प्रियंका चोपड़ा से कहीं अधिक असरदार रही थी। वहीं क्वीन, फिल्म और उसकी नायिका दोनों बेहद चमत्कारी थे।
पहले भारतीय प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी की प्रस्तावित इस्राइल यात्रा 1992 में शुरू हुई लंबी प्रक्रिया की तार्किक परिणति है, लेकिन ऐसे वक्त में हो रही है जब थोड़ा संतुलन साधने की जरूरत है।
लोग अपनी गर्लफ्रेंड का किस पाने के लिए क्या-क्या जतन नहीं करते। एक बार उसके अधर चेहरे को छू जाएं इसके लिए नए-नए विचार अपनाते हैं। लेकिन फरहान अख्तर इन सबसे अलग हैं। वह एक कुत्ते को अपने चेहरे की ओर आकर्षित करने के क्या-क्या जतन करते रहे।