Advertisement

Search Result : "पर्यावरण चिंता"

नोटबंदी ने कीथ वाज को भी चिंता में डाला

नोटबंदी ने कीथ वाज को भी चिंता में डाला

ब्रिटेन के भारतीय मूल के सांसद कीथ वाज ने 500 और 1000 रुपये की नोटबंदी से ब्रिटेन में प्रभावित प्रवासी भारतीयों की मुश्किलें हल करने के लिए विभिन्न उपायों का सुझाव देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है।
इंटरनेशनल सोलर अलायंस: प्रारूप समझौते पर 20 देशों ने किए हस्ताक्षर

इंटरनेशनल सोलर अलायंस: प्रारूप समझौते पर 20 देशों ने किए हस्ताक्षर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिमाग की उपज इंटरनेशनल सोलर अलायंस (इसा) की प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही इसके प्रारूप समझौते पर ब्राजील और फ्रांस सहित दुनिया के 20 से अधिक देशों ने हस्ताक्षर कर दिया है।
पराली जलाने वालों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई

पराली जलाने वालों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई

इस समय धानकटाई का समय चल रहा है। हालांकि किसान पराली जला तो नहीं सकते हैं लेकिन पंजाब और हरियाणा में जला रहे हैं। पराली जलाने से प्रदूषण होता है, जिससे निकली जहरीली गैस पर्यावरण के साथ-साथ लोगों को भी नुकसान पहुंचाती है। सबसे अहम बात यह है कि इससे हवा में धुंए के बादल बन जाते हैं जो अस्थमा के मरीजों के लिए जानलेवा साबित होते हैं। दिल्ली की हवा में इन दिनों पसरा धुंआ दिवाली के पटाखों और पराली जलाने के परिणाम है।
तीन तलाक, मोदी को मुस्लिम महिलाओं की चिंता पर अपनी पत्‍नी को भूल गए : दिग्विजय

तीन तलाक, मोदी को मुस्लिम महिलाओं की चिंता पर अपनी पत्‍नी को भूल गए : दिग्विजय

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने तीन तलाक को समाप्त किए जाने का समर्थन करने और उसके स्थान पर समान नागरिक संहिता को लाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा पर प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि एेसा 2019 के आम चुनाव में लाभ उठाने के लिए मुसलमानों में भय का माहौल करने के वास्ते किया जा रहा है।
वन, वनवासी और जीव एक दूसरे के पूरक हैं, प्रतिद्वंदी  नहीं : अनिल माधव दवे

वन, वनवासी और जीव एक दूसरे के पूरक हैं, प्रतिद्वंदी नहीं : अनिल माधव दवे

पर्यावरण वन तथा जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अनिल माधव दवे ने कहा है कि जंगल का जीवंत अस्तित्व है और जंगल अपनी अभिव्यक्ति करता है बशर्ते हममें सुनने की क्षमता हो। तीन महत्वपूर्ण घटक- वन, जनजातीय वनवासी और वन्य जीव एक-दूसरे के पूरक हैं और प्रतिद्वन्द्वीं नहीं है। उन्होंने कहा कि वनों में बड़ी संख्या में पेडों को वनवासियों द्वारा नहीं गिराया जा रहा।
प्रदूषण फैलाने वाले उत्पादों पर जीएसटी दर ज्यादा होगी: जेटली

प्रदूषण फैलाने वाले उत्पादों पर जीएसटी दर ज्यादा होगी: जेटली

भारत द्वारा पेरिस जलवायु संधि पर दस्तखत के चंद दिनों बाद शुक्रवार को केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था में पर्यावरण की लिहाज से प्रतिकूल उत्पादों पर अन्य उत्पादों के मुकाबले अलग तरह का कर लगाया जाएगा। ऐसा कर जलवायु परिवर्तन से बचाव आदि से जुड़े कामों के लिए अधिक कोष जुटाया जाएगा।
पटाखों के प्रदूषण की जिम्मेदारी

पटाखों के प्रदूषण की जिम्मेदारी

भारत ने पर्यावरण संरक्षण की अंतरराष्ट्रीय संधि के लिए अपनी स्वीकृति दे दी। निश्चित रूप से भारत में हजारों वर्षों से प्रकृति की देन वन, जल, वायु के प्रति गहरा सम्मान रहा है और उनसे जुड़े देवताओं के नाम लेकर पेड़-पौधे, नदी, पवन की धार्मिक दृष्टि से पूजा-अर्चना होती रही है। लेकिन सरकार और समाज घातक वायु प्रदूषण के लिए जिम्मेदार आतिशबाजी के बढ़ते उपयोग को निरंतर अनदेखा कर रहे हैं।
गांव बचेंगे तभी भारत बचेगा

गांव बचेंगे तभी भारत बचेगा

आज के गांव संचार क्रांति से तो जुड़ गये हैं लेकिन संवेदनशीलता और भाईचारा वहां से खत्म हो रही है, जो उनकी विशिष्ट पहचान थी। यह चिंता कांस्टीटयूशन क्लब में रविवार की शाम जिंदगी पाउंडेशन द्वारा साहित्यायन ट्रस्ट के विशेष सहयोग से आयोजित वर्तमानमेंगांव विषयक संगोष्ठी में शामिल लगभग सभी वक्ताओं ने व्यक्त की। लेखक राजेश सक्षम को सुरेन्द्र तिवारी सम्मान से नवाजा गया। यह कार्यक्रम दिवंगत साहित्‍यकार सुरेंद्र तिवारी की याद में आयोजित किया गया।
हालात बदतर, पानी की कमी वाले देशों में शामिल हो सकता है भारत

हालात बदतर, पानी की कमी वाले देशों में शामिल हो सकता है भारत

भारत आने वाले दिनों में पानी की गंभीर समस्या का सामना करने के कगार पर है। देश में इस समय पानी की उपलब्धता का जो हाल है उस पर केंद्रीय जल ससाधन मंत्री उमा भारती का कहना है कि भारत दुनिया के पानी की कमी वाले देशों में शुमार होने के बिल्कुल करीब है।
तानाशाही से पर्यावरण नहीं सुधरता : अनिल दवे

तानाशाही से पर्यावरण नहीं सुधरता : अनिल दवे

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री अनिल माधव दवे का मानना है कि पर्यावरण भारत के जनमानस में है। बस जरूरत है तो इसके प्रति थोड़ी सी चेतना लाने की। किसी भी प्रयोग को करने से डरना नहीं चाहिए और नई बातों के लिए दिमाग खुला रखना चाहिए।
Advertisement
Advertisement
Advertisement