पाकिस्तान के प्रतिबंधित जमात-उद-दावा के प्रमुख हाफिज सईद ने कहा कि उसका संगठन देश में मंदिरों एवं गैर-मुस्लिमों के अन्य पवित्र स्थानों का विध्वंस नहीं होने देगा।
अमेरिका से आठ एफ-16 लड़ाकू विमान प्राप्त करने के पाकिस्तान के प्रयासों को तगड़ा झटका लगा है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने इस सौदे के लिए अमेरिकी करदाताओं के धन का उपयोग कर पाक को आर्थिक मदद करने में अपनी असमर्थता व्यक्त कर दी है।
पठानकोट आतंकी हमले की जांच के सिलसिले में भारत आए पाकिस्तान के संयुक्त जांच दल (जेआईटी) में वहां की खुफिया एजेंसी आईएसआई के एक अधिकारी के शामिल होने का मुद्दा आज लोकसभा में उठा। कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मामले को उठाते हुए सरकार से सवाल किया कि आईएसआई के एक अधिकारी को कैसे पठानकोट जाने दिया गया।
पठानकोट वायु सेना स्टेशन पर हुए आतंकी हमले के बाद अपनी पहली औपचारिक द्विपक्षीय वार्ता में भारत और पाकिस्तान के विदेश सचिवों ने हमले की जांच और कश्मीर समेत कई पेचीदा मुद्दों पर बातचीत की। मुलाकात के दौरान पाकिस्तानी पक्ष ने कश्मीर को मुख्य मुद्दा बताया।
पाकिस्तान के विदेश सचिव एजाज अहमद चौधरी हार्ट ऑफ एशिया क्षेत्रीय सम्मेलन में भाग लेने के लिए मंगलवार को भारत की यात्रा पर आएंगे। इस दौरान वह अपने भारतीय समकक्ष से भी मुलाकात करेंगे। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय वार्ताएं पठानकोट आतंकवादी हमले के बाद पटरी से उतर गई थीं।
पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल राहील शरीफ ने भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर दो वरिष्ठ जनरल सहित 11 अधिकारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सेना प्रमुख की इस कार्रवाई का खासा महत्व है क्योंकि हाल ही में सामने आए पनामा पेपर्स लीक मामले में प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के परिवार के लोगों का भी नाम आया है।
विदेश मामलों पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के सलाहकार सरताज अजीज ने आज संकेत दिया कि पठानकोट आतंकवादी हमले की आगे की जांच के लिए उनका देश एनआईए की टीम के दौरे संबंधी भारत की अपील पर विचार कर सकता है। हालांकि एक दिन पहले ही एक शीर्ष पाकिस्तानी दूत ने इससे इंकार किया था।
भारत कुछ समय से विश्व के नेताओं को आतंकवाद के खिलाफ एकजुट करने की कोशिश कर रहा है और काफी हद तक वह इसमें सफल भी रहा है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ मीटिंग के दौरान जिस तरह से आतंकवाद के मुद्दे पर विश्व के नेताओं को एकजुट करके उनसे एक साथ मिलकर आतंकवाद का मुकाबला करने का आश्वासन मिला वह काबिले तारीफ है।