कल राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि 30 जनवरी के दिन उनके हत्यारे नाथूराम गोडसे पर आधारित पुस्तक विमोचन के कार्यक्रम का नवगठित गोवा फॉरवर्ड पार्टी ने विरोध किया है।
अर्पण कुमार का यह उपन्यास दिल्ली की पृष्ठभूमि पर लिखा गया है। अर्पण कुमार मूलतः कवि हैं, यह लेखक का पहला उपन्यास है। इस उपन्यास में दिल्ली की अलग छवि सामने आएगी। दिल्ली को दूसरे नजरिये से देखा जाता है यह उपन्यास इस शहर को नई दृष्टि देगा।
दिल्ली में चल रहे विश्व पुस्तक मेले में अतिथि देश चीन के प्रकाशकों ने गुरूदेव रवींद्र नाथ टैगोर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर चीनी लेखकों की किताबें पेश की हैं।
सबसे ज्यादा प्रतीक्षित कार्यक्रम का अवॉर्ड यदि पुस्तक मेले के नाम किया जाए तो भी गलत नहीं होगा। किसी भी पर्व-त्योहार से ज्यादा इस मेले को लेकर उल्लास रहता है। हर साल दिल्ली के प्रगति मैदान में लाखों की संख्या में पुस्तक प्रेमी जुटते हैं।
नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी के लिए अब भारत और दुनिया भर में बच्चों के अधिकारों के लिए अपनी लड़ाई तेज करना तथा अपने जीवनकाल में बाल दासता को समाप्त कर देना मिशन बन गया है।
भारत भर के तमाम पाठक, लेखक, प्रकाशक और पुस्तक मेले के प्रशंसक हर बरस मेले की बाट जोहते हैं। इस साल यह मेला हर साल की तरह प्रगति मैदान में 9 से 17 जनवरी 2016 को होगा।
हिंदी के अनेक दुर्लभ ग्रंथ, पुरानी पुस्तकों की प्रति, पत्रिकाओं की पुरानी फाइलें अब उपलब्ध नहीं हैं। इस कारण देश के विश्वविद्यालयों में शोध कार्य प्रामाणिक ढंग से नहीं हो पाते और साहित्य में ऐतिहासिक तथ्यों को लेकर गड़बड़ियां बनी रहती हैं। इस कमी को देखते हुए राष्ट्रीय पुस्तक न्यास ने सन 1933 में प्रकाशित द्विवेदी अभिनंदन ग्रंथ को दोबारा प्रकाशित कर अच्छा काम किया है। लेकिन जिस तरह हड़बड़ी और असावधानी में यह ग्रंथ प्रकाशित किया गया है उसे लेकर चिंता होती है।
माखनलाल फोतेदार की पुस्तक 'द चिनार लीव्स’ में नेहरु-गांधी परिवार के बारे में कई खुलासे किए है। इस खुलासे के बाद कांग्रेस असहज महसूस कर रही है। पुस्तक ऐसे समय में आई है जब कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को कमान सौंपने की तैयारी चल रही है। पुस्तक में जो खास बाते हैं प्रस्तुत है उसका प्रमुख अंश:
कुल्लू के मशहूर अंतर्राष्ट्रीय दशहरा उत्सव के मौके पर तीन पुस्तकें रिलीज की जाएंगी, जिनमें कुल्लू के इतिहास और संस्कृति को दर्ज किया गया है। अंतर्राष्ट्रीय दशहरा उत्सव के उपलक्ष्य पर जिला सांस्कृतिक परिषद कुल्लू इस वर्ष दशहरा उत्सव समिति के सहयोग से तीन विशेष पुस्तकें प्रकाशित करने जा रही है। इन तीन अलग-अलग पुस्तकों में आम पाठकों, शोधकर्ताओं और पर्यटकों को कुल्लू की देव संस्कृति, देव स्थलों, पर्यटक स्थलों और पारंपरिक पकवानों के अलावा इतिहास के विभिन्न कालखंडों के दौरान कुल्लू जिला का दौरा करने वाले ह्वेन त्सांग, क्रिस्टिना नोबल व अन्य प्रसिद्ध विदेश यात्रियों के यात्रा वृतांत पढ़ने को मिलेंगे।