रीयल एस्टेट क्षेत्र में बढ़ते ऑनलाइन बाजार के बीच एक नया पोर्टल डोरकीज डॉट कॉम पेश किया गया है जिसमें मुख्य तौर पर खरीदारों को ध्यान में रखते हुए सुविधाएं दी गई हैं।
दीर्घ 10 साल लग गए सिंगूर पर अदालत का अंतिम फैसला आने में। सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ममता बनर्जी ने ऐतिहासिक बताया है। जस्टिस गोपाल गौड़ा और जस्टिस अरुण मिश्र की डिवीजन बेंच ने अपने फैसले में निर्देश दिया कि वहां के किसानों को 12 सप्ताह के भीतर जमीन लौटाई जाए। 10 सप्ताह के भीतर वहां की स्थिति की समीक्षा कर राज्य सरकार अदालत में रिपोर्ट दाखिल करे। वहां के जिन किसानों ने मुआवजा ले लिया था, उनसे मुआवजे की रकम वापस नहीं ली जा सकेगी। जिन किसानों ने मुआवजा नहीं लिया था, उन्हें जमीन लौटाने के साथ ही आज के बाजार दर पर मुआवजा भी दिया जाएगा। क्योंकि, 10 साल तक वे जमीन का इस्तेमाल नहीं कर सके। साथ ही वे मालिकाना से भी वंचित रहे।
माइक्रोफाइनेन्स संस्थान, सैटिन क्रेडिटकेयर नेटवर्क लिमिटेड ने माइक्रो फाइनेन्स बाज़ार में वित्तीय जोखिम को कम करने और संचालानात्मक दक्षता बढ़ाने के लिए प्रोजेक्ट कैशलैस का लाॅन्च किया है। यह परियोजना फील्ड स्टाफ को कार्यस्थल पर जोखिम रहित अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराएगी। परियोजना उत्पादकता बढ़ाएगी और कार्य के लिए प्रभावी प्रणाली का निर्माण करेगी। वर्तमान में कैशलैस मोड के द्वारा रोज़ाना 3 करोड़ से ज़्यादा लेनदेन होते हैं और यह संख्या तेज़ी से बढ़ रही है।
भारत और वेस्टइंडीज कल अमेरिकी सरजमीं पर पहले क्रिकेट मुकाबले में आमने-सामने होंगी तो भद्रजनों के इस खेल को नये बाजार तक पहुंचाने पर आईसीसी की नजरें टिकी होंगी। भारत और वेस्टइंडीज के बीच अगले दो दिन दो टी20 मैच खेले जायेंगे।
भारत में होम टेक्सटाइल बाजार में बढ़ती मांग को देखते हुए इंडो कांउट ने अब घरेलू बाजार में उतरने की तैयारी शुरू कर दी है। कंपनी ने घोषणा की है कि इस माह के अंत तक पूरे देश में बुटिक लिविंग उत्पादों की श्रृंखला उपलब्ध हो जाएगी।
आभूषण विक्रेताओं और हाजिर बाजार में मांग बढ़ने से स्थानीय सर्राफा बाजार में शनिवार को सोना 540 रुपये उछलकर 31,340 रपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। गत 29 माह में पहली बार सोना 31,000 रुपये के पार निकला है।
भारत की सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी इन्फोसिस का मुनाफा नए ग्राहकों की संख्या बढ़ने से जून में समाप्त तिमाही के दौरान 13 प्रतिशत बढ़ा है लेकिन कंपनी के सालाना कारोबार वृद्धि के अनुमान में कटौती से इसके शेयर में गिरावट देखी गई।
इंडियाबुल्स ग्रुप पर आयकर विभाग का बड़ा छापा पड़ा है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक देशभर में ग्रुप के प्रोमोटरों और दफ्तरों पर आयकर विभाग के छापे पड़ रहे हैं।अलग-अलग जगहों पर जारी छापों में विभाग के करीब 1000 अधिकारी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि ग्रुप के प्रोमोटरों के बीच हुए बंटवारे को लेकर गड़बडिय़ां सामने आई हैं। इसी वजह से यह छापे पड़ रहे हैं।