पाकिस्तान की सेना ने आज दावा किया कि उसने उपद्रवग्रस्त बलूचिस्तान राज्य में आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएएस) के ठिकाने को धवस्त कर दिया है। सेना ने कहा कि पिछले सप्ताह की गई इस कार्रवाई में दो आत्मघाती हमलावरों समेत 12 आतंकी मारे गए।
बलूचिस्तान के खरन जिले में प्रशासन ने एक फरमान जारी किया है। प्रशासन ने स्टाइलिश दाढ़ी रखने पर पाबंदी लगा दी है। साथ ही सैलून मालिकों पर ज्यादा जुर्माना लगाने की चेतावनी भी दी है।
पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में विभिन्न प्रतिबंधित संगठनों के 434 आतंकवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। सदर्न कमांड के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल की ओर से सामान्य जीवन जीने के लिए स्वागत किए जाने पर अब तक 1500 आतंकी अपने हथियार डाल चुके हैं।
भाजपा की लंबे समय से सहयोगी शिवसेना ने लखनऊ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दशहरा मनाने की योजना पर कटाक्ष किया है। शिवसेना ने कहा है कि लखनऊ जाकर मोदी अयोध्या में श्रीराम मंदिर बनाने की घोषणा करें।
पाकिस्तान के पूर्व सैनिक तानाशाह परवेज मुशर्रफ का आरोप है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कश्मीर समस्या हल ही नहीं करना चाहते। यही नहीं उन्होंने भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के लिए तीखे शब्द इस्तेमाल किए हैं। मुशर्रफ ने कहा है कि भारतीय विदेश मंत्री सिर्फ पाकिस्तान को गाली देती रहती हैं। जैसे पीएम हैं वैसे ही उनकी विदेश मंत्री हैं। मुशर्रफ ने यह बातें एक भारतीय समाचार चैनल को दिए इंटरव्यू में कही हैं। मुशर्रफ ने भारत को धमकाते हुए यह भी कहा है कि वह पाकिस्तान को नेपाल या भूटान समझने की गलती न करे। पाकिस्तान एक शक्तिशाली देश है।
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित कर रही हैं। अपने संबोधन में उन्होंने आतंक के मुद्दे पर पाकिस्तान को जमकर लताड़ लगाते हुए कहा कि जिसने भी आंतकवाद का बीज बोया उसने कड़वा फल खाया।
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) में बलूचिस्तान के मुद्दे पर पाकिस्तान के खिलाफ आक्रामक रूख अपनाते हुए भारत ने कहा है कि पाकिस्तान ऐसा देश है जो अपने ही लोगों के खिलाफ आतंकवाद फैलाता है और बलूचिस्तान के लोगों का दुख-दर्द इसकी पूरी दास्तान बयान करता है।
बलूच कार्यकर्ताओं के एक समूह ने संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के बाहर पाकिस्तान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और बलूचिस्तान में पाकिस्तान द्वारा मानवता के खिलाफ किए जा रहे अपराधों को रेखांकित करते हुए आजादी की मांग की।
बलूचिस्तान की आजादी के लिए संघर्ष कर रहे शीर्ष आंदोलनकारी भारत से आजादी की मुहिम के लिए समर्थन मांगने उप्र के बागपत और मेरठ पहुंचे हैं। दोनों जिलों में बलूचिस्तान मूल के लोगों से पाकिस्तान से मुक्ति दिलाने के लिए समर्थन के साथ हरसंभव मदद करने की अपील की। आंदोलनकारियों ने बताया कि पाकिस्तानी सेना की क्रूरता और दमन के खिलाफ भारत में भी जल्द अ¨हसात्मक आंदोलन शुरू किया जाएगा।लंबे अरसे से पाकिस्तान का अवैध कब्जा हटाकर स्वशासन की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे बलूचिस्तान के कई शीर्ष नेताओं ने बागपत और मेरठ के कई गांव में रह रहे बलूचियों से मुलाकात की और अपने पूर्वजों की निशानी देखी। बलूच नेताओं ने आजादी के संघर्ष और पाक की बर्बरता की दास्तां सुनाई तो सभी के रोंगटे खड़े हो गए।