यह बात ठीक थी कि विशम्भर प्रसाद ने शराब से तौबा कर ली थी, लेकिन उसका एक-एक जानने वाला तो इस बात से परिचित था नहीं। अक्सर देर रात को विशम्भर प्रसाद के किसी न किसी जानने वाले का फोन, तो कभी दरवाजा भड़ाभड़ बजने लगता।
गोपनीय दस्तावेज लीक मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में पुलिस को कई अहम तथ्यों का पता चला है। सूत्रों के मुताबिक विभिन्न मंत्रालयों के कई अधिकारी सरकारी वाहन की बजाय किराए की टैक्सियों में चलना ज्यादा पसंद करते हैं।