चुनाव प्रचार में नेताओं के भाषण को लेकर चुनाव आयोग ने नाराजगी जाहिर की है। आयोग ने सभी राजनीतिक दलों को नोटिस जारी करते हुए भाषणों पर संयम बरतने के निर्देश दिए हैं।
राजनीतिक दलों एवं उम्मीदवारों के चुनावी खर्च में पारदर्शिता लाने, पेड न्यूज पर लगाम लगाने, चुनाव आयोग के दायरे में विस्तार करके देश में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सम्पन्न कराना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भाजपा सांसद वरूण गांधी का निजी विधेयक जन प्रतिनिधित्व अधिनियम संशोधन विधेयक 2016 लोकसभा में विचार के लिए रखा जायेगा।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का चौथे चरण का मतदान खत्म हो गया है। चुनाव आयोग के मुताबिक शाम पांच बजे मतदान खत्म होने तक 61 प्रतिशत से भी अधिक मतदान हुआ। यह 2012 के विधानसभा चुनावों की तुलना में 2.3 प्रतिशत अधिक है। चौथे चरण में बुंदेलखंड क्षेत्र के विभिन्न जिलों समेत 12 जनपदों की 53 सीटों के लिए मतदान गुरुवार शाम को खत्म हो गया।
सरकार ने आज स्पष्ट किया कि एक हजार रुपये का नोट लाने की उसकी कोई योजना नहीं है। इस समय उसका ध्यान निम्न मूल्यवर्ग के नोटों का उत्पादन बढ़ाने पर है। आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने कहा कि एटीएम में नकदी की कमी की शिकायतों पर ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने लोगों से भी आग्रह किया है कि वह जरूरत से ज्यादा ध्यान नहीं निकालें।
केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को निर्देश देते हुए कहा है कि महात्मा गांधी की हत्या पर जेएल कपूर आयोग की रिपोर्ट पर की गई कार्रवाई का खुलासा किया जाए। इसमें कथित तौर पर कहा गया है कि सबूत केवल इस ओर इशारा करते हैं कि वीर सावरकर और उनका समूह आपराधिक साजिश का हिस्सा था।
सुप्रीम कोर्ट ने आज अखिलेश सरकार की समाजवादी पेंशन योजना को चुनौती देने वाली अपील पर सुनवाई करने से इंकार कर दिया है। कोर्ट की ओर से मिली हरी झंडी से अखिलेश सरकार ने राहत महसूस की है।
उत्तराखंड में हरिद्वार के रिषिकुल मैदान पर 10 फरवरी को नरेंद्र मोदी की बिना अनुमति के हुई चुनावी रैली को आचार संहिता का खुला उल्लंघन बताते हुए कांग्रेस ने चुनाव आयोग से इस संबंध में प्रधानमंत्री तथा रैली का आयोजन करने वाले भाजपा नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
एक बार फिर वही धुन। प्रिंट, टी.वी., वेब, मोबाइल फोन, फेसबुक, टि्वटर जैसे हर सूचना-संचार माध्यमों पर चुनावी राजनीति में बाहुबलियों के प्रभाव, पहचान, लोकप्रियता अथवा आतंक से जुड़ी सफलता, चुनाव में विजय की चिंता निरंतर हो रही है।
मप्र में खंडवा जिले के एक आदिवासी नेता ने मध्यप्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत हिन्दू रीति रिवाजों के साथ सामूहिक विवाह कार्यक्रम कराये जाने का विरोध किया है।