एनडीटीवी पर छापेमारी को लेकर केंद्र सरकार बैकफुट पर आती दिखाई दे रही है। केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री वैंकेया नायडू ने आज कहा कि एनडीटीवी पर कोई छापेमारी नहीं हुई है।
अगर किसी फिल्म में इरफान हों तो कहानी का टेंशन लेने की जरूरत नहीं होती। फिल्म में कुछ नहीं भी होगा तो इरफान इतने सटीक ढंग से होंगे कि उन्हीं के सहारे ढाई-तीन घंटे का वक्त कट जाएगा। तो इस फिल्म में भी बिलकुल परफेक्ट टाइमिंग के साथ राज यानी कि इरफान मौजूद हैं।
आखिरकार राष्ट्र जिस रिपब्लिक के बारे में जानना चाहता है उससे परदा उठ गया है। ‘नेशन वॉन्ट्स टू नो’ के तकिया कलाम के साथ अर्णब अपनी आक्रमक शैली के लिए जाने जाते हैं। उन पर सरकार का पक्षधर होने का आरोप भी लगता है। कई लोग उन्हें राष्ट्रवाद का प्रतीक भी मानते हैं और उनकी फैन फॉलोइंग जबर्दस्त है।
अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति में पहली भारतीय महिला सदस्या नीता अंबानी को इस वैश्विक संचालन संस्था के दो महत्वपूर्ण आयोग का सदस्य बनाया गया है जिनमें प्रतिष्ठित ओलंपिक चैनल भी शामिल है।
राजभाषा पर बनी संसदीय समिति की 9वीं रिपोर्ट की ज्यादातर सिफारिशें राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने मान ली हैं। लेकिन इन सिफारिशों को जिस तरह प्रचारित किया जा रहा है, उससे हिंदी का भला कम, नुकसान ज्यादा हो सकता है। भाषाई वर्चस्व के जिन आरोपों से उबरने में हिंदी को कई दशक लगे, ऐसे खबरेें उन्हें फिर से जिंदा कर सकती हैं।
भारतीय हिन्दी फिल्म निर्माता और निर्देशक महेश और मुकेश भट्ट ने इस बार श्रीजीत मुखर्जी को उन्हीं की फिल्म 'राजकहिनी' हिंदी में बनाने की जिम्मेदारी दी थी, जो उन्होंने ‘बेगम जान’ बनाकर पूरी कर ली है। बांग्ला भाषा में बनी फिल्म ‘राजकाहिनी’ वर्ष 2015 में रिलीज हुई थी। हिंदी सिनेमा ने इससे पहले भी कई भारतीय भाषाओं की हिट फिल्मों का रिमेक किया है।
भारत सरकार के फिल्म समारोह निदेशालय ने यतीन्द्र मिश्र को ‘स्वर्ण कमल’ सम्मान से नवाजने का निर्णय लिया है। हिंदी कवि, संपादक और संगीत अध्येता मिश्र को यह सम्मान देने की घोषणा बीते सात अप्रैल को की गई।
वरिष्ठ पत्रकार, लेखक और नेशनल बुक ट्रस्ट के संपादक पंकज चतुर्वेदी और चिकित्सक डा. प्रदीप शुक्ल को उनकी कुतियों क्रमशः बेलगाम घोड़ा और गुल्लू का गांव के लिए वर्ष 2016 के हरिकृष्ण देवसरे बाल-साहित्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया। न्यास ने देवसरे बाल-साहित्य समाचार-पत्र निकालने की घोषणा भी की।
राष्ट्रपति पद संभालने से पहले ही डोनाल्ड ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय टी.वी. समाचार चैनल ‘सीएनएन’ को ‘फर्जी’ कहने के साथ पहली प्रेस कांफ्रेंस में चैनल की प्रमुख पत्रकार को सवाल पूछने से भी रोक दिया।