वामपंथी विचारधारा के जाने-माने पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता प्रफुल्ल बिदवई का एम्सटर्डम में निधन हो गया है। एक रेस्तरां में मांस का एक टुकड़ा उनके गले में फंस गया और उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में पत्रकार जगेन्द्र सिंह को कथित तौर पर जिंदा जलाकर मारने के मामले में सु्प्रीम कोर्ट ने केंद्र और यूपी सरकार से जवाब मांगा है।
यूपी में एक पत्रकारों को जिंदा जलाए जाने की घटना के बाद अब महाराष्ट्र में खनन माफिया द्वारा एक पत्रकार को जिंदा जलाने का मामला सामने आया है। मारा गया पत्रकार मध्य प्रदेश के बालाघाट का रहने वाला था और खनन माफिया और चिटफंड घोटालों के खिलाफ लगातार खबरें दे रहा था। उसका मध्य प्रदेश के बालाघाट से अपहरण हुआ था और उसे नागपुर ले जाकर जिंदा जलाया गया।
जी मीडिया और नवीन जिंदल समूह के बीच की लड़ाई और बढ़ गई है। अब इस कड़ी में जिंदल ग्रुप के सहायक उपाध्यक्ष डी.के. भार्गव की याचिका पर जी मीडिया के मालिक सुभाष चंद्रा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
शाहजहांपुर के पत्रकार जगेन्द्र सिंह ने अपने मृत्युपूर्व बयान में खनन माफिया, स्मैक तस्करी और बलात्कार व हत्या आरोपी उत्तर प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्यमंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा के इशारे पर पुलिस द्वारा उन्हें जिंदा जलाने की बात कही थी। इस घटना ने पूरे देश को सकते में डाल दिया है। लेकिन मामले में नामजद होने के बावजूद अभी तक मंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा को गिरफ्तार नहीं किया गया है। आखिरकार जगेन्द्र की मौत के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए उनके पूरे परिवार को अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठने को मजबूर होना पड़ा। परिवार के सदस्यों का आरोप है कि राज्यमंत्री राममूर्ति वर्मा उन पर मुकदमा वापस लेने का दबाव डलवा रहे हैं।
आईपीएल के पूर्व प्रमुख एवं फरार चल रहे ललित मोदी के ब्रिटेन में यात्रा दस्तावेज हासिल करने में मदद के लिए आलोचनाओं का सामना कर रही विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने उस टीवी पत्रकार पर पलटवार किया जिन्होंने इस मामले में नैतिकता का मुद्दा उठाया था।
यूपी में एक और पत्रकार पर जनलेवा हमले का मामला सामने आया है। पीलीभीत के एक पत्रकार ने आरोप लगाया है कि उसे कुछ लोगों ने रिवाल्वर की बट से पीटा और बाइक से बांधकर घसीटते रहे।
राहुल गांधी भले कांग्रेस की हालत सुधारने में जुटे हों मगर कांग्रेस के नेता उनके सामने भी लड़ने से बाज नहीं आते। एक बार फिर छत्तीसगढ़ में ऐसा देखने में आया। छत्तीसगढ़ के दो दिवसीय प्रवास पर आए राहुल गांधी के सामने कांग्रेस की गुटबाजी खुलकर सामने आ गई।
एक बार फिर छत्तीसगढ़ की जमीन बड़े हिंसक दिनों की आहट महसूस कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छत्तीसगढ़ के दंतेवाडा में हुई सभा, वहां से यह ऐलान करना कि हिंसा को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ठीक उसी समय माओवादियों द्वारा सुकमा के सैंकड़ों ग्रामीणों को बंधक बनाना-इस ओर इशारा कर रहे हैं कि आने वाले दिनों में बड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है।