मोदी सरकार के तीन साल पूरे होने सभी भाजपा नेता सरकार की उपलब्धियों का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। इस दौरान भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने रोजगार पर बयान दिया है। अमित शाह ने कहा है कि 125 करोड़ लोगों के देश में सभी को नौकरी मुहैया करना संभव नहीं है।
चाइना पाक-इकॉनमिक कॉरिडोर (सीपीईसी) प्रोजेक्ट की पहुंच अब पाकिस्तान के आर्थिक विभागों के साथ शैक्षणिक संस्थानों में भी देखी जा रहा है। इसका अंदाजा पाकिस्तानी छात्रों की चीनी भाषा सीखने की इच्छा और मांग को लेकर लगाया जा सकता है। पाकिस्तानी छात्रों ने दोनों देशों में नौकरी के अवसरों को लेकर चीनी भाषा सीखने की इच्छा जताई है।
आईटी क्षेत्र की नौकरियों पर एक नया खतरा मंडराने लगा है। अगले तीन वर्षों के दौरान आईटी क्षेत्र में सालाना करीब दो लाख लोगों की छंटनी हो सकती है। डिजिटलाइजेशन और ऑटोमेशन का तेजी से प्रसार इसकी प्रमुख वजह मानी जा रही है।
अमेरिका में राजनीतिक निशाने में आने के बाद इंफोसिस ने 10,000 अमेरिकियों को नौकरी देने का वादा किया है। यह निर्णय ऐसे वक्त में लिया गया जब कहा जा रहा है कि भारतीय कंपनियों के चलते अमेरिकियों को नौकरियां नहीं मिल रही हैं।
अब देश में एचआईवी-एड्स पीडि़त लोगों को नौकरी देने से इनकार करने या नौकरी से निकालने पर कड़ी सजा का सामना करना पड़ेगा। इस संबंध में एक नये कानून को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गयी है।
वेतनभोगी तबके के लिये आयकर रिटर्न भरने के वास्ते एक छोटा नया फार्म एक अप्रैल से उपलब्ध हो जायेगा। आयकर विभाग ने इस फार्म में कुछ बिंदुओं को हटा दिया है जिससे यह छोटा और अधिक सरल बन गया है।
बालीवुड में हीरोइनें अब हीरो की पिलियन राइडर (पिछलग्गू) भर नहीं हैं। यहां कहानियां अब हीरोइनों के इर्द गिर्द ज्यादा घूमने लगी हैं। वे अब एक से एक दमदार किरदार में सामने आ रही हैं। वहीं हालीवुड में अभी भी ज्यादातर फिल्मों में नाइकाएं नायकों के आर्म कैंडी (सजावट) भर होती हैं। हालीवुड की नामी गिरामी नायिका जेनिफर लोपेज ने इस स्थिति को रेखांकित करते हुए कहा है कि हॉलीवुड में महिलाओं को दमदार भूमिकाएं मिलना अब भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। वहीं बालीवुड की धक धक गर्ल फेम माधुरी दीक्षित ने इस बात पर खुशी जाहिर की है बॉलीवुड में हीरोइनों को अब सही स्थान मिलने लगा है। उन्हें अब फिल्मों में दमदार किरदार के लायक समझा जाने लगा है।
वैश्वीकरण का लाभ केवल दुनिया के धनी लोगों को ही मिलने को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच भारत के सबसे धनी उद्योगपति मुकेश अंबानी ने खुली बाजार अर्थव्यवस्था का पक्ष लिया और कहा कि संपत्ति सृजन को रोका नहीं जाना चाहिये क्योंकि समाज में संपत्ति वितरण के लिये संपत्ति सृजन जरूरी है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत चौथी औद्योगिक क्रांति और औद्योगिक नवप्रवर्तन के लिये तैयार है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने और सुधारों को आगे बढ़ाने का संकेत देते हुये आज कहा कि उनकी सरकार राष्ट्रहित में कठिन फैसले लेने से नहीं हिचकिचायेगी, इसके साथ ही उन्होंने कहा कि नोटबंदी कुछ समय की परेशानी है।