क्या कभी आपने सुना है कि छात्रों को स्कूल की क्लासरुम की जगह टॉयलेट में शिक्षा दी जा रहा हो... जी हां यह घटना सच है, जो मध्यप्रदेश में नीमच के एक प्राइमरी स्कूल की है।
सियासी सरगर्मियों के बीच बिहार में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। आईजीआईएमएस पटना ने अपने कर्मचारियों को ये बताने को कहा है कि वो वर्जिन है या नहीं। इस पर सूबे के स्वास्थ्य मंत्री ने भी अपनी सफाई पेश कर दी। वहीं अब इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान प्रशासन ने गुरुवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जानकारी दी है कि तत्काल प्रभाव से अभ्यर्थियों के घोषणापत्र से 'वर्जिन' शब्द को हटा दिया गया है।
'आवारा भीड़ के खतरे' नामक शीर्षक के अपने निबंध में हिन्दी साहित्य जगत के मूर्धन्य निबंधकार हरिशंकर परसाई जी लिखते हैं, "दिशाहीन, बेकार, हताश, नकार वादी और विध्वंस वादी युवकों की यह भीड़ खतरनाक होती। इसका उपयोग खतरनाक विचारधारा वाले व्यक्ति या समूह कर सकते हैं। इसी भीड़ का उपयोग नेपोलियन, हिटलर और मुसोलिनी जैसे लोगों ने किया था।"