किसानों के विरोध का असर अब गुजरात में भी दिखने लगा है। केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को भी किसान के विरोध का सामना करना पड़ा। एक कार्यक्रम के दौरान स्मृति ईरानी को किसान के गुस्से का शिकार होना पड़ा।
डीएमके प्रमुख एम करुणानिधि के 94वें जन्मदिन और विधायक बनने के 60 साल पूरा होने के मौके आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और बिहार के सीएम नीतीश कुमार समेत विपक्षी दलों के कई दिग्गज नेता शामिल हुए।कयास लगाया जा रहा है कि ये एकजुटता राष्ट्रपति चुनाव के लिए तो नहीं है।
इन दिनों बिहार की राजनीति में एक-दूसरे पर आरोप लगाए जाने का सिलसिला जारी है। पिछले दिनों बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील मोदी के कई घोटालों को लेकर राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव पर लगाए गए आरोपों के बाद बिहार के उपमुख्यतमंत्री तेजस्वील यादव ने सुशील मोदी पर हमला बोला है।
केंद्रीय शहरी विकास और सूचना एवं प्रसारण मंत्री वेंकैया नायडू ने आज विपक्ष की राष्ट्रपति पद के उम्मीदावर को लेकर हुई बैठक पर चुटकी लेते हुए उन्हें बंटा हुआ करार दिया है। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल जुलाई में खत्म होने जा रहा है। ऐसे में विपक्षी पार्टियों में राष्ट्रपति उम्मीदवार को लेकर गर्मा-गर्मी बढ़ गई है।
24 मई की रात जेवर बुलंदशहर हाईवे पर हुई लूटपाट, हत्या और गैंगरेप के मामले में यूपी पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में ले लिया है। पीड़िता के बयान के आधार पर इन चार लोगों से पूछताछ चल रही है। वहीं इस दर्दनाक घटना को विपक्षी पार्टियों ने प्रदेश सरकार के माथे का कलंक बताया है।
सहारनपुर में जतीय हिंसा रुकने का नाम नहीं ले रही है। उधर सोशल मीडिया पर लोग पूछ रहे हैं कि मैनचेस्टर हमले की निंदा करने वाले प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी सहारनुपर हिंसा पर मौन धारण क्यों किए हुए हैं।
राष्ट्रपति चुनाव को लेकर विपक्ष को लामबंद करने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कोशिशे तेज कर दी है। कांग्रेस अध्यक्ष ने अपनी रणनीति फाइनल करने के लिए 26 मई को सभी विपक्षी दलों की बैठक बुलाई है। संसद की लाइब्रेरी बिल्डिंग होने वाली इस बैठक में अगर सहमति बनी तो हो सकता है कि उसी दिन विपक्ष अपने साझा उम्मीदवार के नाम की घोषणा भी कर दे।
देश के कुछ प्रमुख किसान संगठनों ने जीएम सरसों की वाणिज्यिक खेती की सिफारिश किए जाने पर विरोध जताया है। जीईएसी द्वारा जीएम सरसों को अनुमती मिलने के बाद किसान संगठनों ने पर्यावरण मंत्रालय से इसको मंजूरी नहीं देने की मांग की है।