विधानसभा चुनाव से पहले ही बिहार भाजपा में असंतोष के स्वर उठने लगे हैं। प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी के नाम एक पत्र जारी कर सफाई मांगी गई है। इस पत्र की प्रति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजी गई है। लेकिन पत्र पर किसी कार्यकर्ता के हस्ताक्षर नहीं है लेकिन सूत्र बता रहे हैं कि भाजपा के सभी बड़े नेताओं को पत्र भेजा गया है।
केंद्र की मोदी सरकार अगर कारोबार को बढ़ावा देने के नाम पर श्रम कानूनों में बदलाव के अपने एजेंडे पर अड़ी रहती है तो देश की मजदूर यूनियनें इसके खिलाफ हड़ताल पर जाने से नहीं हिचकेंगी। इसमें भाजपा से जुड़ी श्रमिक यूनियनें भी शामिल होंगी। इस बारे में कोई भी फैसला 26 मई को लिए जाने की उम्मीद है।