जर्मनी की वाहन निर्माता कंपनी फॉक्सवैगन दुनिया की सबसे बड़ी वाहन कंपनी बन गई है। फॉक्सवैगन ने हाल तक विश्व की सबसे बड़ी वाहन निर्माता रही टोयोटा को पीछे छोड़ दिया है।
दुनिया की शीर्ष 500 कंपनियों की फार्च्यून पत्रिका की सूची में जहां सिर्फ 7 भारतीय कंपनियों जगह बना पाई हैं वहीं चीन की 100 कंपनियां इस सूची में शामिल हैं। बड़ी कंपनियों के मामले में चीन की तुलना सिर्फ अमेरिका से हो सकती है जिसकी 128 कंपनियां इस सूची में हैं।
गरीबों की कार की छवि तोड़ने के लिए टाटा मोटर्स ने नैनो को एक बार फिर नए अवतार में पेश किया है। किसी समय लखटकिया कही जाने वाले नैनो की एक्स शोरूम कीमत अब दिल्ली में 2.89 लाख रुपये तक पहुंच गई है।
विश्व की 2000 सबसे बड़ी और शक्तिशाली सूचीबद्ध कंपनियों में से 56 भारत में हैं। यह बात फोर्ब्स की सालाना सूची में कही गई जिसमें 579 कंपनियों के साथ अमेरिका शीर्ष पर है।
टाटा मोटर्स ने डीजल नैनो कार बाजार में उतारने की योजना फिलहाल ठंडे बस्ते में डाल दी है। वाहन में संशोधन और इसके आर्थिक पहलुओं को देखते हुए कंपनी निकट भविष्य में डीजल नैनो का उत्पादन नहीं करेगी।
दुनिया भर में पेट्रोलियम पदार्थों के गिरते दामों की शिकार भारत में अनिल अग्रवाल के नेतृत्व वाली वेदांता लिमिटेड भी हो गई है। एक सप्ताह पहले तक सेसा स्टरलाइट के नाम से जानी जाने वाली कंपनी ने भारतीय कारोबारी जगत में अब तक के सबसे बड़े करीब 20 हजार करोड़ रुपये के गुडविल नुकसान की घोषणा की है।