राहुल गांधी ने जम्मू-कश्मीर के हालात को लेकर भाजपा पर हमला बोला है। राहुल ने कहा, "नरेंद्र मोदी कश्मीर संभाल नहीं पा रहे। एनडीए सरकार कश्मीर समस्या को राजनीतिक मुद्दे की तरह इस्तेमाल कर रही है।"
जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर हाईवे पर आज आतंकियों ने सेना के काफिले पर हमला किया। हमले में सेना का 2 जवान शहीद हो गए जबकि 4 गंभीर रुप से जवान घायल हो गए। आज ही गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने सुरक्षा के मुद्दे पर सरकार के तीन साल के कामकाज का लेखाजोखा पेश किया।
NIA (नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी) ने कश्मीर के टेरर फंडिंग मामले में देश में 22 जगहों पर छापे मारी की है। कश्मीर और दिल्ली के साथ हरियाणा के सोनीपत में भी कार्रवाई की गई है। एक बड़े बिजनेसमैन के यहां भी पड़ा छापा जिसके बच्चों की शादी में पाक अधिकृत कश्मीर के पीएम भी शामिल हुए थे।
जम्मू और कश्मीर के सोपोर में एक बैंक के नजदीक कुछ आतंकियों ने पुलिस पार्टी पर हमला कर दिया। आतंकियों ने ग्रेनेड से हमला किया। हमले में चार जवान घायल बताए जा रहे हैं।
केरल में यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं के द्वारा पशुवध करने के मामले को राहुल गांधी ने गंभीरता से लिया है। राहुल गांधी ने इस घटना की निंदा की। इसके बाद कांग्रेस ने सरेआम पशुवध करने वाले अपने चार कार्यकर्ताओं को पार्टी से बाहर निकाल दिया है।
कश्मीर की मुश्किलों पर बात करते हुए आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत ने कहा है कि पत्थरबाजों को पत्थर की जगह गोलियां चलानी चाहिए। उन्होंने कहा, “सच्चाई तो ये है कि इन लोगों (पत्थरबाजों) को हम पर पत्थर फेंकने की जगह फायरिंग करनी चाहिए। तब मुझे ज्यादा खुशी होगी। क्योंकि, तब मैं वो कर पाउंगा जो करना चाहता हूं।”
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी जिला प्रशासन की अनुमति के बिना आज हिंसा प्रभावित इलाके सहारनपुर के लिए रवाना हो गए। इस दौरे में उनके साथ यूपी कांग्रेस अध्य क्ष्ात राजबब्बिर भी हैं। हालांकि, स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन ने राहुल गांधी के इस दौरे की अनुमति देने से इनकार कर दिया था, क्योंकि इससे पहले मायावती के पहुंचने के बाद हिंसा फिर से भड़क उठी थी।
हिंसा की आग में पिछले कई दिनों से सुलग रहे सहारनपुर के शब्बीरपुर गांव में शुक्रवार को पहली बार खुशी का महौल देखने को मिला। इस खुशी का कारण कुछ और नहीं बल्कि एक दलित परिवार में दो बहनों की शादी को लेकर था। शादी की वजह से गांव में कई दिनों के बाद खुशी का माहौल दिखा।
जम्मू कश्मीर में सभी प्रतिबंधित सोशल मीडिया साइट्स से प्रतिबंध हटा लिया गया है लेकिन सहारनपुर में विरोध प्रदर्शन रोकने के लिए प्रशासन ने सोशल मीडिया को बैन कर रखा है। लगता है सहारनपुर के हालात जम्मू कश्मीर से भी बदतर हो गए हैं।