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विशाल भारद्वाज : “कलात्मक प्रतिभा का ऐसा चमकदार सितारा, जो संघर्ष की धूप में तपकर हीरा बना”

विशाल भारद्वाज : “कलात्मक प्रतिभा का ऐसा चमकदार सितारा, जो संघर्ष की धूप में तपकर हीरा बना”

4 अगस्त को विशाल भारद्वाज का जन्मदिन होता है।विशाल भारद्वाज एक नाम या इंसान नहीं हैं। वह एक संस्थान...
जन्मदिन: किसानों का दर्द, गांधी होने के मायने और कलम की ताकत बतातीं 'दिनकर' की तीन कविताएं

जन्मदिन: किसानों का दर्द, गांधी होने के मायने और कलम की ताकत बतातीं 'दिनकर' की तीन कविताएं

रामधारी सिंह 'दिनकर' स्वतन्त्रता से पहले एक विद्रोही कवि के रूप में स्थापित हुए और स्वतन्त्रता के बाद...
गुलजार की लकीरें

गुलजार की लकीरें

28 जून को दिल्ली का सीरी फोर्ट ऑडिटोरियम गुलजार के चाहने वालों से भरा हुआ था। आखिर गुलजार के नज्मों और कहानियों का मंचन जो होने वाला था।
कागज-कलम की आदत नहीं बदल सकता: गुलज़़ार

कागज-कलम की आदत नहीं बदल सकता: गुलज़़ार

बीते पचास से भी ज्यादा वर्ष से शायरी और फिल्मी गीत लिख रहे गुलज़ार वैसे तो आधुनिक पीढ़ी के साथ लगातार तालमेल बिठाते रहे हैं लेकिन उनका कहना है कि वह कलम से कागज पर लिखने की अपनी पुरानी आदत नहीं बदल सकते।
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