केंद्र द्वारा जल्लीकट्टू अध्यादेश को मंजूरी दिए जाने के एक दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि तमिलनाडु की जनता की सांस्कृतिक आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता के निधन से जुड़ी परिस्थितियों पर मद्रास उच्च न्यायालय के एक न्यायाधीश के संशय प्रकट करने के एक दिन बाद द्रमुक ने उनके निधन की परिस्थितियों की उच्च न्यायालय के एक न्यायाधीश द्वारा जांच कराये जाने की आज मांग की।
तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता की मृत्यु से जुड़ी परिस्थितियों पर लोगों के संदेह को साझा करते हुए मद्रास उच्च न्यायालय के एक न्यायाधीश ने आज संकेत दिया कि वह शव को समाधि से निकालने का आदेश दे सकते हैं।
अपोलो अस्पताल ने आज कहा कि तमिलनाडु की मुख्यमंत्री और अन्नाद्रमुक सुप्रीमो जयललिता को दिल का दौरा पड़ा है और विशेषग्यों की एक टीम उनका इलाज कर रही है। पिछले कुछ हफ्ते से स्थानीय अपोलो अस्पताल में ही उनका इलाज चल रहा है।
केंद्र सरकार के सूत्रों ने कहा है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा अपनी निजी पहल के तहत कश्मीर समस्या पर हुर्रियत नेताओं से मुलाकात की है। सूत्रों ने इन ख़बरों को निराधार बताया कि सरकार की पहल पर सिन्हा के नेतृत्व में एक दल हुर्रियत नेताओं से जम्मू-कश्मीर में बात कर रहा है। सरकार ने कहा कि सिन्हा अपनी पहल पर ही कश्मीर गए हैं।
अन्नाद्रमुक ने आज कहा कि अस्पताल में भर्ती उसकी प्रमुख एवं तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता पूरी तरह ठीक हैं और जल्द घर लौटेंगी। अन्नाद्रमुक की प्रवक्ता सीआर सरस्वती ने संवाददाताओं से कहा, अपोलो अस्पताल के चिकित्सकों और विशेषज्ञों की निगरानी में अम्मा (जयललिता) के स्वास्थ्य में अच्छा सुधार हुआ है और वह घर लौटेंगी। उन्होंने कहा कि जनसेवा के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाली जयललिता चिकित्सकों के परामर्श के अनुसार आराम कर रही हैं।
करीब 100 दिन से कश्मीर में हो रहे बंद से अलगाववादियों के खिलाफ सूबे के टैक्सी आपरेटर भड़कने लगे हैंं। आपरेटर अलगावादियों के खिलाफ दो बार विरोध प्रदर्शन भी कर चुके हैं। फिलहाल अलगाववादी और उनके समर्थक आपरेटरों को नुकसान की भरपाई का भरोसा देकर शांत करने की कोशिश कर रहे हैं। इस बीच हिंसक झड़पों में भारी कमी से घाटी में जल्द ही जन-जीवन सामान्य होने की उम्मीद बढ़ गई है।
अशांत कश्मीर आज लगातार तीसरे दिन भी कर्फ्यू मुक्त रहा। धीर धीरे घाटी की स्थिति सामान्य हो रही है। सुरक्षा बलों ने शहर और राज्य के अन्य स्थानों में अलगाववादियों के विरोध प्रदर्शन की योजना को नाकाम कर दिया है।