पिछले हाल नोएडा में हुए आर्ट ऑफ लिविंंग के भव्य आयोजन से यमुना नदी को भारी नुकसान पहुंचा है। यह जानकारी एक विशेेेेषज्ञ समिति ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल को दी है।
विश्व धरोहर और दुनिया में मोहब्बत की बेमिसाल धरोहर माना जाने वाला ताजमहल यमुना नदी में गंदगी और कीड़ों के प्रकोप से बदरंग होता जा रहा है। समय समय पर मड पैक और विभिन्न तत्वों का घोल चढ़ाकर इसके संरक्षण के प्रयास किये जाते है लेकिन कीड़ों के प्रकोप की समस्या का स्थायी समाधान निकालने की पहल अभी तक नहीं देखी गई है।
गोरखपुर के दो दिवसीय दौरे से लौटे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज लखनऊ के गोमती रीवर फ्रंट पहुंचकर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान सीएम के साथ डिप्टी सीएम और कई मंत्री भी मौजूद थे।
गंगा, यमुना, कृष्णा, कावेरी जैसी नदियों की अविरल धारा और निर्मलता सुनिश्चित करने के लिए जल विशेषज्ञों ने तालाबों, छोटी नदियों को बचाने के कार्य से ग्राम पंचायतों को जोड़ने तथा नदियों को बांधे और जोड़े बिना बाढ़ और सूखे जैसी स्थिति से बचने का नया विज्ञान खोजने की जरूरत बतायी है।
राजग सरकार की महत्वाकांक्षी 9,393 करोड़ रूपये की केन बेतवा नदी जोड़ो परियोजना के 2017 की पहली तीमाही से शुरू होने का मार्ग प्रशस्त हो गया है और इस परियोजना को हरित पैनल और आदिवासी मामलों के मंत्रालय की मंजूरी मिल गई है। इससे 6.35 लाख हेक्टेयर भूमि की सिंचाई और बुंदेलखड में पेयजल की समस्या से निपटने में मदद मिलने की उम्मीद है।
श्रीनगर से 15 किलोमीटर दूर पंपोर में श्रीनगर-जम्मू हाईवे पर स्थित इंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (ईडीआई) की इमारत में छिपे आतंकियों को 52 घंटे तक चली कार्रवाई में मार गिराया गया है, लेकिन इस घटना से सुरक्षा चौकसी में खामियां भी सामने आई हैं। खुफिया विभाग के द्वारा राज्य प्रशासन को सतर्क किए जाने के बावजूद सुरक्षा बलों को चौकस नहीं किया गया। नतीजा यह कि झेलम नदी पार कर घुसे आतंकी आराम से इस परित्यक्त सरकारी इमारत में घुस बैठे। उनका इरादा इस इमारत से कुछ ही दूरी पर स्थित सेना के 15 कोर के मुख्यालय और सीमा सुरक्षा बल के शिविर पर हमला करने का था।
ब्रह्मपुत्र की एक सहायक नदी को बाधित कर भारत और पाकिस्तान के बीच पानी की लड़ाई में चीन के शामिल होने की खबरों को चीन की आधिकारिक मीडिया ने आज खारिज कर दिया। चीन ने कहा कि जल बंटवारे के लिए नई दिल्ली और बांग्लादेश के साथ बीजिंग एक संयुक्त बहुपक्षीय सहयोग तंत्र के लिए तैयार है।