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अरावली पहाड़ियों को नष्ट कर रहे खनन माफिया, सार्वजनिक संसाधनों को लूटा जा रहा: रणदीप सिंह सुरजेवाला

अरावली पहाड़ियों को नष्ट कर रहे खनन माफिया, सार्वजनिक संसाधनों को लूटा जा रहा: रणदीप सिंह सुरजेवाला

कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने हरियाणा के अरावली क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध खनन का आरोप...
'पीएम मोदी की बातों और फैसलों में विरोधाभास', अरावली विवाद के बीच कांग्रेस ने लगाए आरोप

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कांग्रेस ने गुरुवार को दावा किया कि अरावली पर्वतमाला की पुनर्परिभाषा से 90 प्रतिशत से अधिक पहाड़ियां...
पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने  केंद्र की अरावली को सुरक्षित रखने की प्रतिबद्ध जाहिर की,कांग्रेस ने लगाया पारिस्थितिकी तंत्र नष्ट करने का आरोप

पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने केंद्र की अरावली को सुरक्षित रखने की प्रतिबद्ध जाहिर की,कांग्रेस ने लगाया पारिस्थितिकी तंत्र नष्ट करने का आरोप

केंद्र सरकार द्वारा अरावली पर्वत श्रृंखला के पुनर्वर्गीकरण के विरोध में भारत के कुछ हिस्सों में हुए...
मोदी सरकार ने अरावली पहाड़ियों के लिए ‘डेथ वारंट’ जैसा कदम उठाया है: सोनिया गांधी का आरोप

मोदी सरकार ने अरावली पहाड़ियों के लिए ‘डेथ वारंट’ जैसा कदम उठाया है: सोनिया गांधी का आरोप

कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी ने बुधवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के...
सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार को चेताया, अरावली में किसी भी तरह का निर्माण होने पर ‘मुसीबत’ में आ जाओगे

सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार को चेताया, अरावली में किसी भी तरह का निर्माण होने पर ‘मुसीबत’ में आ जाओगे

हरियाणा में अरावली पर्वत और इसके वन क्षेत्र में होने वाले निर्माण के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने...
झाबुआ की तरह बारूद के ढेर पर बैठा नीम का थाना

झाबुआ की तरह बारूद के ढेर पर बैठा नीम का थाना

झाबुआ के पेटलवाद में डिटोनेटर का अवैध कारोबार सौ के करीब जिंदगियां लील गया। सिलसिला थमा नहीं है। झाबुआ कांड से भी अगर सरकार नहीं जागती है तो राजस्थान के अरावली क्षेत्र में झाबुआ कांड होते देर नहीं लगेगी। एक तरह से बारूद के ढेर पर बैठा है यह इलाका। खनन का विरोध करने वाले गांववासी हजारों दफा शिकायत कर चुके हैं। डिटोनेटर के कई ट्रक पकड़वा चुके हैं। यहां तक कि इस इलाके में जाने पर डिटोनेटर की पेटियां खुले में यहां-वहां पड़ी मिल जाती हैं लेकिन सरकार और स्थानीय प्रशासन बिल्कुल मूक हैं। गांववासियों की कोई सुनवाई नहीं।
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