सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और आईआईटी मद्रास से पूछा था कि आईआईटी-जेईई परीक्षा में उन छात्रों को ग्रेस मार्केस क्यों दिए गए, जिन्होंने ‘गलत प्रश्नों’ को हल करने का प्रयास ही नहीं किया।
केरल में मंत्रियों और अधिकारियों ने हमेशा से दिए जा रहे उदाहरण को अपनाते हुए एक अच्छी कोशिश की ओर कदम बढ़ाया है। सरकारी स्कूल की जर्जर हालात को देखते हुए हमेशा से एक उदाहरण दिया जाता है कि अगर मंत्रियों और अधिकारियों के बच्चें सरकारी स्कूल में पढ़ने लग जाए तो हालात में तेजी से सुधार हो सकता है।