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संसद सुरक्षा उल्लंघनः विपक्षी सांसदों ने देश में बेरोजगारी के मुद्दे पर दिया जोर, खामियों को किया उजागर

संसद सुरक्षा उल्लंघनः विपक्षी सांसदों ने देश में बेरोजगारी के मुद्दे पर दिया जोर, खामियों को किया उजागर

विपक्षी सांसदों ने गुरुवार को कहा कि लोकसभा में सुरक्षा उल्लंघन ने देश में बेरोजगारी के मुद्दे पर जोर...
पेशाब प्रकरण में डीजीसीए की कार्रवाई के बाद खामियों को दूर करने के लिये उठाये जा रहे कदम: एअर इंडिया

पेशाब प्रकरण में डीजीसीए की कार्रवाई के बाद खामियों को दूर करने के लिये उठाये जा रहे कदम: एअर इंडिया

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा कार्रवाई शुरू किए जाने के बाद एअर इंडिया ने कहा कि वह...
शिक्षा व्यवस्था की खामियों को उजागर करती वेब सीरीज 'शिक्षा मंडल ', एमएक्स प्लेयर पर होगी रिलीज

शिक्षा व्यवस्था की खामियों को उजागर करती वेब सीरीज 'शिक्षा मंडल ', एमएक्स प्लेयर पर होगी रिलीज

ओटीटी प्लेटफॉर्म एमएक्स प्लेयर पर एक नई वेब सीरीज रिलीज होने जा रही है। वेब सीरीज शिक्षा व्यवस्था की...
जलती हुई गंध, कॉकपिट में चिड़िया: इंडियन एयरलाइंस की सुरक्षा खामियों पर सवाल, सिंधिया ने दिए ये निर्देश

जलती हुई गंध, कॉकपिट में चिड़िया: इंडियन एयरलाइंस की सुरक्षा खामियों पर सवाल, सिंधिया ने दिए ये निर्देश

पिछले कुछ दिनों से भारतीय विमानों मे लगातार कुछ ना कुछ तकनीकी खराबी की घटनाएं सामने आ रही हैं। रविवार...
प्रताप भानु मेहता और सुब्रह्मण्यम इस्तीफा विवादः अशोका यूनिवर्सिटी ने मानी ‘संस्थागत प्रक्रियाओं में खामियों’ की बात

प्रताप भानु मेहता और सुब्रह्मण्यम इस्तीफा विवादः अशोका यूनिवर्सिटी ने मानी ‘संस्थागत प्रक्रियाओं में खामियों’ की बात

हरियाणा के सोनीपत स्थित अशोका विश्वविद्यालय ने रविवार को ‘‘संस्थागत प्रक्रियाओं में...
चिदंबरम का सवाल, जीएसटी के क्रियान्वयन में खामियों पर प्रधानमंत्री चुप क्यों हैं?

चिदंबरम का सवाल, जीएसटी के क्रियान्वयन में खामियों पर प्रधानमंत्री चुप क्यों हैं?

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को ईमानदारी की जीत और ईमानदारी का उत्सव बताए जाने को लेकर पूर्व वित्त मंत्री...
‘हुत’ में बिश्नोई का काव्यपाठ : कथ्य की हुई सराहना

‘हुत’ में बिश्नोई का काव्यपाठ : कथ्य की हुई सराहना

साहित्यिक संस्‍था ‘हुत’ की छत्तीसवें एकल काव्यपाठ में 73 वर्षीय कवि बजरंग बिश्नोई ने अपनी धर्मयुग में 1964 में प्रकाशित पहली कविता से लेकर आज तक रची/छपी कविताओं में से एक दर्जन का पाठ किया। कविताओं पर चर्चा में उनकी खामियों-खूबियों पर बहस के साथ ही कथ्य की सराहना हुई, खास कर खुदाबख्स उर्फ खुटईं , गोपी, आदतन, पत्नी के फूल चुनते हुए , अपने खिलाफ और एक विभावना है शहर शीर्षक कविताओं की।
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