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पाठको की चिट्ठियां

बिहार/नजरियाः नीतीश चुप्पी के मायने

ऐसे हालात में चुप्पी का मतलब सहमति नहीं, बल्कि वजूद दिखते रहने के लिए करार की अलिखित शर्त

बिहारः विरासत बचाएं निःशांत

नीतीश कुमार के अचानक बिहार से विदा होने और बेटे निशांत के राजनीति में प्रवेश के मायने

तमिलनाडुः ओपीएस द्रमुक के दरवाजे

विधानसभा चुनावों से ऐन पहले जयललिता के वफादार पूर्व मुख्यमंत्री ओ. पनीरसेल्वम का द्रमुक की ओर रुख

पश्चिम एशिया जंग/नजरियाः दादागीरी दिखाने की जंग

जब तक अंतरराष्ट्रीय समुदाय दोहरे मापदंड से बाज नहीं आता, तब तक वैश्विक राजनीति की पहचान दबंगई और कत्लेआम की बनी रहेगी

पश्चिम एशिया जंग/अजूबे दावेः दैवीय दावों का हवाला

पश्चिम एशिया कल्पित दावों के सहारे झंझावात में फंसी, सवाल है कि क्या जंग इस इलाके को नया आकार देगी, या क्या कोई स्थायी हल की ओर ले जाएगी

पश्चिम एशिया जंगः युद्ध की कीमत कौन चुकाता है?

अंतरराष्ट्रीय नियम-कायदे अब बेमानी, ईरान पर इज्राएल-अमेरिका की अनैतिक लड़ाई विशुद्ध दादागीरी, ट्रम्प-नेतन्याहू की महात्कांक्षाओं की कीमत दुनिया भर के आम लोग चुका रहे

पश्चिम एशिया जंग/आवरण कथा: मोर्चे पर अब समूची दुनिया

इज्राएल-अमेरिकी हमले और ईरान के जवाबी आक्रमण से समूचे पश्चिम एशिया में हाहाकार, कच्चे तेल और गैस के संकट से सारी दुनिया चपेट में, ईरान में नए सर्वोच्च नेता के ऐलान पर चीन-रूस के खुलकर समर्थन से नए मोर्चे खुले

पश्चिम एशिया जंग/आवरण कथा: शहीद रहबर

तेहरान में 28 फरवरी को इज्राएली-अमेरिकी हमले में मारे गए ईरान के सर्वोच्च मजहबी नेता के सफर और सियासी असर पर एक नजर:

क्रिकेटः हैट्रिक के छक्के-चौक्के

भारत में क्रिकेट मात्र खेल नहीं, बल्कि एक भावना है, युवा जोश का साधन है। यही कारण है कि भारतीय क्रिकेट का हर ऐतिहासिक मोड़ देश के लिए नई परिभाषा और नया विजन तय करता है

फिल्मः स्क्रीन पर सजी स्त्री देह

1990 के दशक से लेकर आज के दौर तक आइटम नंबर में कैमरा एंगल और गानों ने स्त्री देह को कलाकार के बजाय वस्तु की तरह पेश किया, जो आज भी चालू

सप्तरंग

ग्लैमर जगत की खबरें

नेपाल: सियासत के ‘बागी’ को ताज

चुनाव में जनरेशन-जेड की लहर पर सवार रैपर, काठमांडू के मेयर की नई पार्टी को बेमिसाल बहुमत, सभी पुरानी पार्टियों का सूपड़ा साफ

प्रथम दृष्टिः विरासत का बोझ

राजनीति सिर्फ परिवार की विरासत के बूते नहीं की जा सकती। उससे शुरुआती पहचान तो मिल जाती है, लेकिन आखिरकार हर किसी को अपनी काबिलियत साबित करनी पड़ती है। नीतीश कुमार के बेटे निशांत के लिए भी यही चुनौती होगी

शहरनामा/गोहाना

जलेबी वाला शहर

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