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Search Result : "अभिनव गुप्त"

कोई है, जो सुन रहा है

कोई है, जो सुन रहा है

‘कितने कठघरे’ रजनी गुप्त की नवीनतम पुस्तक है। यह विचलित कर देने वाली पुस्तक है। वस्तुतः यह पुस्तक है ही नहीं, मार्मिक गुहार है। कोई है, जो सुन रहा है ? इसको पढ़ते-पढ़ते अपने निजी घावों के टांके खुलने लगते हैं। न जाने कितने चेहरे हैं जो न्याय मांगने हमारे सामने आ खड़े होते हैं - शंकर गुहा नियोगी, सोनी सोरी, डॉ. विनायक चटर्जी - और वह पत्रकार, जो स्वामी अग्निवेश की मध्यस्थता के आश्वासन पर बस्तर गया था, उसकी हत्या ? ये कुछ नाम हैं, हजारों ऐसे नाम होंगे जो अब याद नहीं।
बिंद्रा और चैन सिंह ने जीत दो-दो स्वर्ण पदक

बिंद्रा और चैन सिंह ने जीत दो-दो स्वर्ण पदक

ओलंपिक चैंपियन अभिनव बिंद्रा सहित भारत के चोटी के राइफल निशानेबाजों ने हैनोवर में अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी प्रतियोगिता में तीन स्वर्ण और दो कांस्य पदक जीतकर अमेरिका को फोर्ट बेनिंग में होने वाले विश्व कप के लिये अपनी तैयारियों का पुख्ता सबूत पेश किये।